- कुरुक्षेत्र व चंडीगढ़ पीजीआई तक 16 दिन खाए धक्के, सर्जरी के लिए नहीं साढ़े तीन लाख रुपये
- पीड़ित अनमोल की मां बोलीं- पति की आंख खराब, घर का चूल्हा जलाने पर भी संकट
- 05 अगस्त को कुत्ते ने किया था हमला
गगन तलवार
करनाल। नीलोखेड़ी के वार्ड-8 की गली में खेलते समय 5 अगस्त को पालतू बुली (मिक्स ब्रिड) कुत्ते के हमले का शिकार हुए अनमोल (12) का उपचार परिवार की माली हालत के कारण बीच में रुक गया है। करनाल से कुरुक्षेत्र और चंडीगढ़ तक 16 दिन की दौड़ के बाद अब थके परिजन घर लौट आए हैं।
चंडीगढ़ पीजीआई में भी उपचार न मिलने के बाद बेटे को वहां निजी अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टरों ने सिर की सर्जरी के लिए 3.50 लाख रुपये खर्च बता दिया। सड़कों से कूड़ा बीनने वाले परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम का जुगाड़ नहीं हो पाया। अब डेहा बस्ती में कच्ची दीवारों पर कट्टों की पल्ली से बनी छत के नीचे पड़े बेटे की सलामती के लिए परिवार केवल दुआएं मांग रहा है।
बिलखती मां रूपा ने बताया कि सरकारी स्कूल में चौथी के छात्र अनमोल के पिता साजन की आंख खराब है। ऐसे में वे कबाड़ बीनने भी नहीं जा पा रहे। रोजाना 200 रुपये तक जुटाकर वे गुजारा करते थे पर अब बेटे का उपचार तो दूर घर का चूल्हा जलाने पर भी संकट आ गया है। डॉक्टर कहता है पहले रुपये लाओ, फिर इलाज होगा। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही बड़े दावे करती हो, लेकिन उन्हें करनाल से चंडीगढ़ तक के सरकारी संस्थानों में केवल धक्के मिले। परिवार का आयुष्मान कार्ड भी नहीं है।
चेयरमैन ने गाड़ी बुक कराई और एक टीका ही लगा
अनमोल की बुआ के बेटे विशाल कुमार ने बताया कि 5 अगस्त को अनमोल सहित चार लोगों पर कुत्ते ने हमला किया था। सभी को नीलोखेड़ी के सरकारी अस्पताल से करनाल रेफर कर दिया था। जहां अनमोल की हालत गंभीर होने पर उसे रोहतक रेफर किया। नीलोखेड़ी नगर पालिका चेयरमैन के कहने पर वे अनमोल को चंडीगढ़ पीजीआई ले गए, जहां उपचार नहीं मिला। इसके बाद सेक्टर-17 के निजी अस्पताल ने सर्जरी का खर्च बता दिया और वे अनमोल को वापस ले आए। चंडीगढ़ जाने के लिए कार की बुकिंग चेयरमैन ने कराई थी। इसके अलावा छह हजार रुपये का टीका भी लोगों के सहयोग से लगा। उन्होंने उपचार में मदद के लिए गूगल पे नंबर जारी किया है।
प्रति दांत के हिसाब से मुआवजा देती है सरकार
हरियाणा में कुत्ते के काटने पर मुआवजा मिलता है। एडवोकेट संदीप राणा ने बताया कि नवंबर 2023 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि कुत्ते के काटने से पीड़ित को 10 हजार रुपये प्रति दांत के निशान और 20 हजार रुपये प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव के लिए मुआवजा दिया जाए। मुआवजा राशि जारी होने में देरी न हो इसके लिए हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर सरकार की जिम्मेदारी तय की थी हालांकि बाद में इसे संबंधित विभागों या दोषियों से वसूल किया जा सकेगा।
सरकारी संस्थान में नि:शुल्क मिलेगा उपचार
जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल का कहना है कि कुत्ते के काटने पर सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार और सर्जरी की व्यवस्था है। अनमोल के परिजन निजी अस्पतालों में गए होंगे। यदि वे सरकारी अस्पताल आते हैं तो हम पीजीआई से उपचार के लिए लिखकर दे देंगे। इसके बाद उसकी सर्जरी वहां नि:शुल्क हो सकती है।
134 ....कुत्ते के काटने के बाद जख्मी बेटे अनमोल को दिखाते माता-पिता। संवाद- फोटो : Samvad
134 ....कुत्ते के काटने के बाद जख्मी बेटे अनमोल को दिखाते माता-पिता। संवाद- फोटो : Samvad