हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (लुवास) उचानी में आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को दिए सुझाव
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (लुवास) उचानी में रेड रिबन युवा क्लब करनाल की ओर से विश्व पशु चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम हुआ। इसमें वैज्ञानिकों ने अत्यधिक गर्मी में पशुओं की देखभाल और दुग्ध की उपलब्धता को बरकरार रखने के तरीके बताए। पशुओं से सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करने की अपील की।
लुवास की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिता गांगुली ने कहा कि अत्यधिक गर्मी पशुओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। गर्मी में जब तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है तो यह पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर बुरा असर डालता है। इससे दूध उत्पादन घट जाता है और उनकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह पशुओं से सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करें।
डॉ. हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि गर्मी से होने वाला तनाव (हीट स्ट्रेस) पशु के शरीर में अंडोत्सर्जन और हीट साइकल को भी बढ़़ा देता है, जिससे पशु गर्भधारण नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए पशुओं को संतुलित आहार दें और उचित देखभाल करें ताकि हीट स्ट्रेस से पशुओं का बचाव हो सके।
विशेषज्ञ डॉ. बीआर. महाराणा ने कहा कि आज बदलते हुए परिवेश में पशुपालकों को पशुपालन की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉ. संदीप पोटिल्य ने कहा कि पशुपालकों को सरकार द्वारा समय-समय पर चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। डॉ. अंकित कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में पशुओं को वातानुकूलित स्थान पर रखें। हरियाणा रत्न अवार्डी जोगिंद्र रांवर ने लुवास की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिता गांगुली, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरप्रीत सिंह बराड, वैज्ञानिक डॉ. बीआर. महाराणा, वैज्ञानिक डॉ. संदीप पोटिल्य व वैज्ञानिक डॉ. अंकित कुमार को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वीएलडीए अमित कुमार, प्रवीन बांगड़, रवि, सुनील कुमार, प्रतीक, नवदीप, जयदीप, जसविंद्र, कृष्ण, शिव, सुलतान, सोमा, सोनू, ऋषि, नीलम, रीतू, वीरेन्द्र, अनिल व राकेश कुमार मौजूद रहे।