- हीट स्ट्रोक, डायरिया, बुखार, उल्टी, कमजोरी, सिरदर्द के मरीज बढ़े
- सिविल अस्पताल में जनरल फिजिशियन की ओपीडी 500 के पार
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गर्मी के साथ उमस बढ़ने से बीते चार दिनों में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया है। जिससे सिविल अस्पताल की जनरल फिजिशियन की ओपीडी रोजाना 500 के पार पहुंच रही है जो कि 200 से 250 के बीच रहती थी। यानी मरीजों की संख्या में दोगुनी बढ़ोतरी हो गई है। इनमें ज्यादातर डायरिया, बुखार, उल्टी, कमजोरी, सिरदर्द व पेशाब कम आने की समस्या वाले मरीज शामिल हैं। इस बीच हीट स्ट्रोक के भी एक-दो मरीज रोज आए हैं।
सिविल अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी से बीमार पड़े कई मरीजों ने धूप में निकलने से पहले पर्याप्त पानी का सेवन नहीं किया था। जिससे उनके शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बनी जोकि डायरिया तक पहुंच गई। कई मरीज ऐसे आए हैं जिन्हें चलते-फिरते, उठते-बैठते चक्कर आ रहे हैं। पिछले चार दिनों में दो हजार से अधिक मरीज गर्मी में बीमार पड़ चुके हैं।
ये लक्षण दिखे तो गंभीरता बरतें
डिहाइड्रेशन के संकेत और लक्षण की स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। हल्के डिहाइड्रेशन से प्यास, मुंह सूखना और थकान हो सकती है, जबकि इसकी गंभीर स्थिति होने पर दौरा भी पड़ सकता है। इनमें प्यास, डार्क यूरिन, थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, मुंह सूखना, रूखी त्वचा, कब्ज इत्यादि शामिल हैं।
गर्मी से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सादा पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं, ज्यादा तेल-मसाला खाने से बचें, कम व्यायाम करें, दही, विटामिन सी, पुदीना, प्याज का सेवन करें, साथ ही हेल्दी फूड का सेवन करें, ठंडा दूध पीएं व सूती कपड़ों का उपयोग करें।
अगर किसी को सिर में हल्का भी झटके का अहसास हो तो तुरंत चेकअप कराएं। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर कतई नहीं खाएं, इससे तबीयत और खराब हो सकती है। गर्मी से खुद को बचाना जरूरी है।
- डॉ. कुलबीर सिंह, एमडी फिजिशियन