अंबाला सिटी। बीते दो दिनों से अंबाला कोर्ट परिसर में वकीलों ने बुधवार को भी वर्क सस्पेंड रखा। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए पुलिस का एक शिष्टमंडल वकीलों से मिलने पहुंचा।
इसमें डीएसपी रमेश कुमार, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा और कुछ अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वकीलों के साथ हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया कि वीरवार के अवकाश के बाद शुक्रवार से सभी वकील हड़ताल समाप्त कर अपने कामकाज पर लौटेंगे।
इसके साथ ही पुलिस ने भी भरोसा जताया है कि कोर्ट परिसर से इस प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी। वहीं दूसरी तरफ संबंधित पुलिस अधिकारी व मुलाजिमों को लेकर प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी एएसपी दीपक कुमार को दी गई है। वह सात दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे।
गौरतलब है कि वकीलों का आरोप था कि दो दिन पहले अंबाला पुलिस द्वारा वकील नरेंद्र शर्मा को नियमों के विरुद्ध कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया जा रहा था। इसके लिए न तो उन्हें कोई नोटिस दिया न ही कोई अनुमति ली थी। उसमें अधिवक्ताओं और बलदेव नगर एचएसओ संदीप कुमार और अन्य पुलिस मुलाजिमों की आपस में बहस भी हो गई थी। इस बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए।
वकीलों को पुलिस ने दिया आश्वासन
जिला पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से जिला बार एसोसिएशन के बीच हुई वार्ता में बार की ओर से संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग पर जोर दिया था, जहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर इस मामले की जांचकर विभागीय कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। वहीं पुलिस अधिकारियों ने एसपी अंबाला की ओर से जारी आदेशों की एक कॉपी जिला बार एसोसिएशन को दी। इसमें कहा गया है कि किसी भी प्रकार का कोई भी मामला हो, उससे संबंधित आरोपी चाहे वह वकील हो या कोई अन्य व्यक्ति उसको कोर्ट परिसर व वकील चेंबर से गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सभी संबंधित कार्रवाई कोर्ट परिसर से बाहर ही की जाएगी।
फोटो नंबर-38
इस मामले में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान रोहित जैन ने बताया कि बुधवार को पुलिस उच्चाधिकारियों का एक शिष्टमंडल हाउस की मीटिंग में पहुंचा था, जहां पर उन्होंने आश्वासन दिया कि बीते दो दिन पहले पुलिसकर्मियों की ओर से कोर्ट परिसर में की गई कार्रवाई के मामले में विभागीय जांच अमल में लाई जा रही है। एक सप्ताह के भीतर इस मामले में जांचकर कार्रवाई की जाएगी, वहीं इस मामले में एसपी अंबाला की ओर से एक लिखित कॉपी दी गई, जिसमें किसी भी आरोपी को कोर्ट परिसर में गिरफ्तार नहीं करने की बात की है। किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले कोर्ट से अनुमति ली जाएगी।