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आज चार भुजाओं वाली माता कालरात्रि की होगी पूजा

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वीरवार को चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की गई। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। मां कालरात्रि का वाहन गधा है, मां की चार भुजाएं हैं। लोग व्रत रखकर माता के कालरात्रि स्वरूप की पूर्जा अर्चना करेंगे।
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उनका मां कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था। मां कात्यायनी ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं, जो भक्त पूरे विधि विधान से मां कात्यायनी की पूजा करते हैं, मां उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। माता मनसा देवी मंदिर, भगवान कर्णेश्वरम मंदिर, रघुनाथ मंदिर, बसंत बिहार मंदिर, शिव मंदिर शिव कालोनी, वैष्णो देवी मंदिर प्रेम नगर, शिव मंदिर सराफा बाजार में कात्यायनी की पूजा की गई। आज चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। सप्तमी तिथि आज रात 11 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। उसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी। आज नवरात्र का सातवां दिन है। नवरात्र के दौरान पड़ने वाली सप्तमी को महासप्तमी के नाम से जाना जाता है। आज मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। जब माता पार्वती ने शुंभ निशुंभ का वध करने के लिए अपने स्वर्णिम वर्ण को त्याग दिया था, तब उन्हें कालरात्रि के नाम से जाना गया। मां का ऊपर का दाहिना हाथ वरद मुद्रा में और नीचे का हाथ अभयमुद्रा में रहता है। जबकि बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड़ग है। नवरात्र में घी का दीपक जलाएं या तेल का। मां का ये स्वरूप देखने में भले ही भयानक लगता है, किन्तु ये बड़ा ही शुभ फलदायक है। इसलिए देवी मां का एक नाम शुंभकारी भी है। ग्रहों में शनि ग्रह पर देवी मां का आधिपत्य बताया जाता है। इनके स्मरण मात्र से ही भूत-पिशाच, भय और अन्य किसी भी तरह की परेशानी तुरंत दूर भाग जाती है ।
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