जिले के प्राथमिक पाठशालाओं में आज रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस रामलीला में रामायण के सभी पात्रों का किरदार स्कूल के बच्चे निभाएंगे। विभाग की ओर से इसे निपुण रामायण नाम दिया गया है। जिसका मंचन आज प्रदेश भर में करवाया जाएगा।
बता दें कि विभाग ने छठी के पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किया है। इसके अंतर्गत स्कूलों में निपुण बाल रामायण प्रतियोगिता का मंचन करवाया जाएगा। इसमें पहली से छठी के बच्चे रामायण के पात्रों का किरदार निभाएंगे। वीरवार को बच्चों ने अभ्यास किया। पूरा दिन स्कूल में विद्यार्थी रामलीला के मंचन की तैयारियों में जुटे रहे। इसके लिए अध्यापकों ने रामायण के कठिन व लंबे संवादों को बच्चों के अनुसार तैयार किए हैं, ताकि उन्हें उच्चारण में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसका मुख्य उद्देश्य रामायण के पात्रों से बच्चों का नैतिक व बौद्धिक स्तर में वृद्धि करना है। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में यह प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। स्कूल की रामलीला मंचन की अध्यापकों को तीन से चार मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर हैशटैग निपुण हरियाणा निपुण रामायण पर अपलोड करनी होगी।
इसलिए कराई जा रही रामलीला
जिले के स्कूलों में आज रामलीला होगी। इस दौरान पूरी रामलीला नहीं बल्कि रामायण के मुख्य घटनाओं व अध्यायों का मंचन होगा। बच्चों में नैतिक और बौद्धिक स्तर उठाने के लिए निपुण हरियाणा मिशन के तहत रामलीला करवाई जा रही है। इससे बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी में पकड़ और संवाद कुशलता का विकास करने की योजना है। सबसे बेहतरीन मंचन को निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक पेज पर प्रसारित व प्रचारित किया जाएगा।
वर्जन फोटो
सभी स्कूलों में बच्चे निपुण हरियाणा मिशन के तहत बाल रामलीला में भाग ले रहे हैं। आज जिले के सभी स्कूलों में रामलीला का मंचन करवाया जाएगा। इसके लिए स्कूल स्तर पर सभी तैयारियां कर ली गई हैं। बच्चों की सुविधा के अनुसार संवाद तैयार किए गए हैं।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।