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विदेश भेजने के नाम पर साढे़ तीन लाख ठगे

Mon, 25 Nov 2013 11:56 AM IST
निसिंग
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निसिंग के गांव माजरा रोड़ान के युवक के साथ दो महिलाओं सहित चार लोगों की ओर से विदेश भेजने के नाम पर तीन लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
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पुलिस ने युवक के बयान पर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा में चल रही थी। जांच के बाद मामला निसिंग थाना भेजा गया है।

बलवान ने बताया कि उसे पिंटू, बाला देवी, पिंटू के जीजा व मीना ने एक योजना के तहत विदेश भेजने के नाम से 3 लाख 50 हजार रुपये ले लिए।

उसके अनुसार मलेशिया में उसे काम दिलाया जाना था लेकिन उसे काम नहीं दिलवाया गया। मामला 24 जुलाई 2012 का है। जब उसे काम नहीं मिला तो वह वापस आ गया। इस पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

लापरवाही से मार्केट कमेटी को लाखों का फटका
करनाल के मार्केट कमेटी की लापरवाही की वजह से लाखों रुपये की तूडी जल गई। इससे न केवल मार्केट कमेटी की आमदन पर असर पड़ रहा है, बल्कि इससे निकल रहा धुआं व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सालाना इस तूड़ी से कमेटी को 50 लाख रुपये तक की आमदनी होती है।
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धान के सीजन में पंखा लगाने के बाद फसल से निकलने वाली तूड़ी को मार्केट कमेटी एकत्रित करती है। इसे एक जगह एकत्रित करके कमेटी इसकी नीलामी करती है। हर साल 50 लाख रुपये तक इसके उठान का ठेका छूटता है लेकिन इस बार कमेटी ने ढील बरती और ठेका नहीं दिया।

अब किसी शरारती तत्व ने इसके ढेर में लगा दी, इससे रह-रहकर जहरीला धुआं निकल रहा है। इससे व्यापारियों को परेशानी आ रही है तो कमेटी को लाखोें का नुकसान हो गया है। आढ़ती रामकुमार नवीन, विजय कुमार, चांदवीर, पवन, हीरालाल, सुरेश कुमार तथा ओमप्रकाश सहित अन्य का कहना है कि इस तूड़ी से जो आमदन कमेटी को होती है।

उससे मंडी में विकास कार्य कराए जाते हैं लेकिन इस बार ठेका ही नहीं दिया गया। यही वजह रही कि तूड़ी के ढेर में आग लग गई है। इससे जहरीला धुआं निकल रहा है और व्यापारी बीमार हो रहे हैं।

साथ ही कमेटी को जो नुकसान हुआ है, सो अलग है। व्यापारियों का कहना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए कि समय पर कमेटी ने समय पर ठेका क्यों नहीं छोड़ा।

किशोरी ने कहानी गढ़ पुलिस को खूब छकाया
घरौंडा में मां की डांट से नाराज होकर घर से निकली एक किशोरी ने कई घंटे तक फिल्मी तरीके से घरौंडा पुलिस को चकमा दिया।

पहले तो उसने कहा कि उसके पिता ने गरीबी के कारण उसे किसी के पास छोड़ दिया था तो कभी कहा कि वह मर्जी से घर से निकली थी और अब वहां नहीं जाना चाहती।

किशोरी ने खुद को रोहतक की बताते हुए घरौंडा पुलिस को बरगलाया। बाद में पता चला कि वह पड़ोस के गांव की रहने वाली है और मां की डांट की वजह से घर से चली आई है। सारी कहानी साफ होने के बाद पुलिस की सांस में सांस आई।

बाद में पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर शनिवार रात 11 बजे किशोरी को परिजनों के हवाले किया। गांव अमृतपुर भैणी की एक किशोरी शनिवार को लगभग दो बजे गांव ताहरपुर में ज्ञान सिंह के डेरे पर पहुंची और उसने अपने आपको जिला सोनीपत के गांव मनौली की लड़की बताया।

इसके बाद जगबीर ने बच्ची को खाना खिलाया और उसे पुलिस के पास ले गया। लड़की ने पुलिस में को दिए बयान में बताया कि उसका पिता शराबी है और उसने कुछ लोगों से कर्ज ले रखा है। कर्जदार बार-बार कर्ज मांग कर रहे थे। पैसे नहीं होने पर उसके पिता ने रुपयों के एवज में उसे कर्जदारों को सुपुर्द कर दिया।

कर्जदारों ने लगभग एक माह तक उससे घरेलू कामकाज कराया। कर्जदार लगभग तीन दिन पूर्व बाइक पर बैठाकर करनाल लेकर आए और एक चौक पर छोड़कर फरार हो गए। बाद में लड़की पैदल गांव अमृतपुर पहुंची। अमृतपुर में किसी के घर में दो दिन तक रही। उसके बाद घूमती हुई डेरे पर पहुंच गई।

डेरा मालिक ने इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी। गांव अराईपुरा के सरपंच अजय राणा, बसपा नेता ईश्वर सिंह सहित अन्य लोग लड़की को लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने रात नौ बजे तक लड़की के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

पुलिस ने लड़की की शिकायत पर रपट दर्ज की और एसडीएम मुकुल कुमार की अदालत में पेश करने की तैयारी कर चल रही थी कि सच्चाई मालूम हो गई। रात को लड़की के परिजनों से संपर्क हो गया और पुलिस ने उसे परिजनों के हवाले कर दिया।
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