संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण स्टेडियम में लगातार बाहरी लोगों के प्रवेश व नशीले पदार्थ और सीरिंज मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। खेल विभाग की ओर से स्टेडियम की देखरेख के लिए तीन सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए गए हैं जो सुबह नौ से शाम छह बजे तक स्टेडियम, खेल उपकरण व खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए काम करेंगे। हालांकि यहां पहले 6 सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए गए थे, जो स्मार्ट सिटी की बिल्डिंग व कर्ण स्टेडियम की देखभाल करते थे, लेकिन बीच में उनको स्मार्ट सिटी के लिए नियुक्त कर दिया था।
आजकल स्टेडियम में बाहरी युवाओं की आवाजाही बढ़ गई है इससे हर समय झगड़े की आशंका रहती थी। वहीं कर्ण स्टेडियम में किसी प्रतियोगिता के बाद शौचालय के पास नशे में इस्तेमाल की गई सीरिंज और इंजेक्शन मिलना भी बड़ी समस्या थी।
दिनभर छात्रों की रहती है आवाजाही
जिला पंचायत भवन में बने ई पुस्तकालय में लड़के व लड़कियां पढ़ाई करने के लिए आते हैं, इनमें से कुछ युवा घंटोंभर कर्ण स्टेडियम मैदान के कोनों में समूह बनाकर बैठे जाते हैं। वहीं जिला परिषद् कार्यालय के कर्मचारी भी दोपहर का भोजन करने उपरांत ट्रैक का चक्कर लगाते हुए नजर आते आते है। अब यहां बाहरी प्रवेश की भी मनाही रहेगी इसके लिए सूचना बोर्ड भी लगाया गया है। यहां खिलाड़ियों का सामान खुले में पड़ा रहता है, बाहरी लोग यहां आकर उनसे छेड़छाड़ करते हैं। खेल विभाग का यह फैसला खिलाड़ियों व खेल मैदान के हित में होगा। कर्ण स्टेडियम में सुधार के लिए समय-समय पर बजट जारी किया जाता है बावजूद इसके यहां खेल उपकरणों की दरकार है। यहां का वॉलीबॉल व बॉस्केटबॉल रिंग क्षतिग्रस्त है। बाहरी तत्वों के लगातार यहां खेलने व प्रवेश से रिंग जगह-जगह टूट चुका है।
कर्ण स्टेडियम खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए है। यहां आम जन के लिए सैर की मनाही रहेगी क्योंकि इससे खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ के लिए पूरी जगह नहीं मिल पाती। वहीं यदि दिन के समय यहां कोई खेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी, करनाल