हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले के तीन कॉलेजों का शिलान्यास किया। इनमें तरावड़ी में करीब 12 करोड़ की लागत से बनने वाले राजकीय महाविद्यालय, असंध के गांव जयसिंहपुरा में करीब 16 करोड़ की लागत से बनने वाले राजकीय महाविद्यालय और जुंडला में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय महिला महाविद्यालय शामिल हैं। तरावड़ी में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और असंध और जुंडला में सीपीएस बख्शीस सिंह इस मौके पर मौजूद रहे। तरावड़ी में कॉलेज के शिलान्यास समारोह के मौके पर परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहला ऐसा मौका है, जब किसी मुख्यमंत्री ने एक साथ 21 राजकीय महाविद्यालयों का शिलान्यास किया है, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती के मौके पर प्रदेश की जनता को इतना बड़ा उपहार देकर हरियाणा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस अवसर पर उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़, एसपी जेल शेर सिंह, एसडीएम योगेश कुमार, करनाल राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रवीन भारद्वाज, प्रो. डॉ. सुरेन्द्र नागिया, प्रो. डॉ. कवंरभान सिंह, प्रो. डॉ. प्रवीन वत्स, ब्लॉक समिति चेयरमैन हुकम सिंह राणा, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शिव नाथ कपूर, भाजपा कार्यकर्ता राजबीर सिंह, बालकिशन, जिला परिषद सदस्य मीना चौहान, बलबीर शर्मा मौजूद रहे।
असंध और जुंडला में कॉलेजों के शिलान्यास के मौके पर मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह ने कहा कि असंध क्षेत्र पिछले 50 वर्षों से विकास के मामले में पिछड़ चुका था। किसी भी विधायक व मंत्री ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। यह क्षेत्र हमेशा उपेक्षा का शिकार रहा है। बीजेपी सरकार के बनते ही आये दिन असंध क्षेत्र में नई-नई योजनाओं व परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। असंध क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के साथ-साथ राजकीय कॉलेज का शिलान्यास किये जाने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि असंध व जुंडला में कॉलेज खोलने से बच्चों को पढ़ने के लिए करनाल नहीं जाना होगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी, उपमंडलाधीश डॉ. सुशील मलिक, कार्यकारी अभियंता वाई एम मेहरा, तहसीलदार अभिषेक बिबियन, नपा चेयरमैन दीपक छाबड़ा, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन सीमा देवी, नपा वाइस चेयरमैन संदेश जिंदल, राजेश कादियान, बृज मोहन टक्कर, सुखदेव सर्राफ, जसबीर कालोका, सतबीर जाणी, जसवंत बग्गा, गुरवंत सिंह जातरी, हरिकिशन अरोड़ा, राजीव अरडाना, दिलबाग लाडी, विनीता मूंड, सुनीता अरडाना उपस्थित रहे।