संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंद्री में तीन जगहों पर गोवंश के अवशेष मिलने मामले में सीआईए एक की टीम ने तीन आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यूपी के सहारनपुर जिले के शाहसपुर जट गांव निवासी नवाब और शहजाद, गंगोह के बाड़ी माजरा निवासी आजम गोवंश को पकड़कर गोकशों तक पहुंचाते थे। एक गोवंश के लिए उन्हें चार हजार रुपये मिलते थे। पुलिस बुधवार को तीनों को अदालत में पेश करके रिमांड हासिल करेगी।
पुलिस के अनुसार, सीआईए एक की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इंद्री क्षेत्र से आरोपी नवाब, शहजाद और आजम को गिरफ्तार किया। तीनों गोवंश की तलाश में घूम रहे थे। पुलिस टीम की पूछताछ में सामने आया कि इंद्री क्षेत्र में जिन पशुओं के अवशेष मिले थे, उन्हें तीनों आरोपियों ने गोकशों तक पहुंचाया था। तीनों सप्लायर का काम करते थे। एक गोवंश के बदले उन्हें चार हजार रुपये की राशि दी जाती थी।
सीआईए एक प्रभारी संदीप मंढान ने बताया कि पुलिस ने तीन आरोपियों का काबू किया है। तीनों सप्लायर हैं। आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड के दौरान गोवंश की हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके अलावा वारदात में प्रयोग हथियार और वाहन भी बरामद किए जाएंगे।
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तीन बार में मिले थे 20 गोवंश के अवशेष
इंद्री के धमनहेड़ी गांव के पास पश्चिमी यमुना नहर से 18 मार्च को सात गोवंशों के अवशेष मिले थे। बाद में वीरवार को इंद्री के पास नहर से अवशेष मिले थे। शनिवार को धनौरा एस्केप के अंदर से अवशेष मिले थे।