- पानी का कनेक्शन लेने के लिए विभाग से नहीं ली जा रही अनुमति, सभी नौ खंडों में हुए सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जन स्वास्थ्य विभाग के जल जीवन मिशन की ओर से प्री मानसून का सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। सभी नौ खंडों में हुए सर्वे रिपोर्ट में आया है कि जिले में अधिकतर नलों पर टूंटियां नहीं हैं। इस कारण से ग्रामीण क्षेत्र में रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, जिससे भू-जल का नुकसान हो रहा है। इसका मुख्य कारण पानी का कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति नहीं लेना है।
हालांकि मिशन की ओर से जल संरक्षण के लिए गांवों में गांव जल सुरक्षा समिति का गठन किया गया है जिसके माध्यम से लोगों को जल बचाने के लिए जागरूक किया जाता है। लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई है, व्यर्थ बहते जल की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5678 पर देने बारे उनको जागरूक किया गया है फिर भी गांवों में हजारों लीटर जल व्यर्थ बह रहा है।
विभाग ने की अभियान की शुरुआत
जन स्वास्थ्य विभाग करनाल के कार्यकारी अभियंता विकास बालयान व जिला सलाहकार नेहा शर्मा के मार्गदर्शन में गांवों में अभियान की शुरुआत कर दी गई है। जिसमें लीकेज को ठीक करवाना, खाली चल रहे नलों के ऊपर टूंटी लगवाना, इनसेनेटरी कनेक्शन को ठीक करवाना, क्लोरिनेशन की जांच करना और साथ ही लोगों को पीने के पानी को बर्बाद न करना, व्यर्थ में पानी न बहाना व पानी का किस तरह दोबारा से इस्तेमाल किया जा सके, इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।
व्यर्थ बहते पानी की हो रही जांच
इसी कड़ी में गांव कुडक जागीर व जटपुरा, शेखपुरा गांव में मुहिम चलाई गई। जिसके अंतर्गत घर-घर जाकर सभी के पानी के कनेक्शनों को जांचा गया। कुडक जागीर व जटपुरा में जिन घरों में पानी का कनेक्शन नाली से होकर जा रहा था उन्हें नाली से बाहर करने की सलाह दी गई। कुडक जागीर से पवन पुत्र कलीराम, दयाराम, संजीव कुमार पुत्र पालाराम, किशन राम पुत्र मामूराम को नोटिस दिया गया और साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि वह जल्द उन्हें ठीक करा ले अन्यथा इन्हें बंद कर दिया जाएगा।
जल जीवन मिशन का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक घर में नल के जरिये शुद्ध जल उपलब्ध करवाना है। मिशन के सभी सदस्यों की ओर से इस दिशा में समूचे प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के सभी नौ खंडों के प्रत्येक गांव में जल व सीवरेज सुरक्षा कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी जल को बचाने तथा नालियों को प्रदूषित न करने की दिशा में काम करती है।
- नेहा शर्मा, जिला सलाहकार