- किस्म 1509 का चावल निर्यात न होने से बढ़ी किसानों की दिक्कतें
जयभगवान सेन
घरौंडा। किस्म 1509 का चावल निर्यात न होने से किसानों को पिछले वर्ष की अपेक्षा धान का एक हजार रुपये प्रति क्विंटल कम दाम मिल रहा है। निर्यातकों का कहना है कि केंद्र सरकार से दाम में छूट देने की मांग की है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। जिस कारण चावल निर्यात नहीं हो पा रहा है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि धान से प्रति क्विंटल चावल कम निकलने से दाम में गिरावट आई है।
नई अनाज मंडी में लगभग दो माह से 1509 किस्म धान की आवक शुरू हो चुकी है। किसानों को धान के दाम 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। जबकि पिछले साल लगभग 3500 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहा था। इस वर्ष किसानों को कम से कम एक हजार रुपये प्रति क्विंटल कम दाम मिल रहा है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
किसान भीम सिंह, इंद्र सिंह व नासिर ने बताया कि वे मंडी में 1509 किस्म की धान लेकर आए हैं, लेकिन धान के दाम बहुत कम मिल रहे हैं। पिछले वर्ष 1509 किस्म धान का दाम लगभग 3500 रुपये था लेकिन इस वर्ष 2500 रुपए है। उन्होंने बताया कि उनको प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। - संवाद
आवक हुई तेज
1509 धान की आवक तेज हो गई है। अभी तक उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के किसान 1509 धान लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन हरियाणा के किसान बहुत कम आ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि धान में चावल की मात्रा कम निकल रही है। जिस कारण उन्हें भी दिक्कत आ रही है इसी कारण से दाम में गिरावट आ रही है। मंडी में तीन अगस्त तक 14.5 हजार क्विंटल आवक हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक 15 हजार क्विंटल धान की आवक हो गई थी।
एसोसिएशन के प्रधान सतीश गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार से एसोसिएशन ने एमईपी देने की मांग की है, लेकिन सरकार ने अभी वह मांग पूरी नहीं की है। जिससे चावल निर्यात नहीं हो रहा है। जिसके चलते चावल के दाम में उछाल नहीं आया है।