- नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी रोकने के लिए किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन। हरियाणा पुलिस अकादमी की डॉ. बीआर आंबेडकर रंगशाला में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी रोकने और एचआईवी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी पंचकूला के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 3777 प्रशिक्षणार्थियों व अकादमी स्टाफ ने भाग लिया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2030 तक एड्स को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें उपस्थित प्रतिभागियों को मोमबत्तियां जलाकर जीवन में नशा न करने की शपथ भी दिलाई।
राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी पंचकूला की उप-निदेशक डॉ. उजिता बालियान ने कहा कि एचआईवी संक्रमण के कई कारण हैं। एचआईवी एड्स संक्रमण वाले अधिकतर लोगों में कई साल तक बीमारी का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता, आठ से 10 वर्ष में उन बीमारियों के लक्षण प्रकट हो जाते हैं जो एड्स की स्थिति बनाते हैं। इस बीमारी के संक्रमण का चक्र तोड़कर इसे समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की ओर से इसकी नि:शुल्क औषधि प्रदान की जाती है, जिनके नियमित सेवन से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।
उन्होंने कहा कि एड्स से व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए। सरकार की ओर से टोल-फ्री नंबर 1097 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन पर सभी जानकारी गोपनीय रखी जाती है। संक्रमित व्यक्ति को नजदीकी केंद्र पर जाकर नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करना चाहिए। एड्स पीड़ित गर्भवती महिलाएं नियमित दवाइयों का सेवन करके स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती हैं।
आंकड़े बताते हैं कि 10 गर्भवती महिलाओं ने एचआईवी एड्स ग्रसित बच्चों को जन्म दिया है, जो केवल जागरूकता के अभाव में हुआ है। वे समय पर उपचार नहीं करा पाए। उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्ति के साथ सद्भावनापूर्वक व्यवहार करना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को नि:शुल्क दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इस मौके पर निरीक्षक सुनील कुमार, डॉ. उजिता बाल्यान, ममता, कांता व मीत कुमार मौजूद रहे।