माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण से लड़ने के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत जहां कुछ मामलों पर नियम व शर्तें लागू की जाएंगी। वहीं लापरवाही बरतने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से पांच उड़नदस्ते भी तैयार किए गए हैं, जो पूरे जिले की स्थिति पर निगाह रखेंगे।
ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान) के तहत अब 500 वर्ग मीटर से अधिक निर्माण गतिविधियों के लिए डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्लान में करीब दो दर्जन बिंदुओं को शामिल किया गया है। जिसके तहत अपशिष्ट के निस्तारण से लेकर यातायात प्रबंधन सहित कई मामलों पर कार्य किया जाएगा। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि प्लान पर कार्य करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दी गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने अगले पांच वर्षों में दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए एक नीति तैयार की है, जिसमें अल्प कालिक, मध्यम अवधि और दीर्घ कालिक उपायों के बीच संशोधित ग्रेडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान को भी शामिल किया है।
सोमवार को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने वीडियो कान्फ्रेंस करके उपायुक्त अनीश यादव के साथ प्लान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के हिस्सों में वायु प्रदूषण का उच्च स्तर गंभीर चिंता का विषय रहा है। इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय ने ग्रैप पर काम करने की जरूरत बताई है और राज्यों को इसके निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रैप में वे सभी उपाय शामिल हैं, जो वायु गुणवत्ता को खराब होने से रोकते हैं। वीसी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा भी मौजूद रहे।
प्लान में ये बिंदु शामिल
इन बिंदुओं में धूल-मिट्टी से उत्सर्जित प्रदूषण रोकना, 500 वर्ग मीटर से अधिक निर्माण गतिविधियों के लिए डस्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना, ठोस अपशिष्ट की नियमित लिफ्टिंग और सभी हानिकारक अपशिष्टों का उचित निस्तारण, मशीनों से सफाई और सड़कों पर पानी का छिड़काव, खुले में बायो मास जलाने पर प्रतिबंध, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनाना, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता, गैर कानूनी ढंग से चालित औद्योगिक यूनिटों के खिलाफ कार्रवाई व डीजल जेनरेटर सेट से उत्सर्जित प्रदूषण रोकने के लिए नियमित पावर सप्लाई सुनिश्चित करना आदि शामिल हैं।
ये उड़नदस्ते रखेंगे निगाह
- करनाल शहर : सहायक निगमायुक्त, डीएसपी मुख्यालय, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीएसआई
- करनाल उपमंडल : एसडीएम, डीएसपी सिटी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक इंजीनियर, नगर निगम के सचिव और बीडीपीओ नीलोखेड़ी
- घरौंडा उपमंडल : एसडीएम, डीएसपी, सहायक इंजीनियर एचएसपीसीबी, सचिव नगर पालिका और बीडीपीओ
- इंद्री उपमंडल : एसडीएम, डीएसपी, पीसीबी के एई, नगर पालिका सचिव व बीडीपीओ
- असंध उपमंडल : एसडीएम, डीएसपी, पीसीबी के एई, सचिव नगर पालिका और बीडीपीओ