करनाल। प्राथमिक विद्यालयों में पहली बार बाल रामायण का मंचन होगा। 15 अक्तूबर तक विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जाएगा। जबकि 16 अक्तूबर को हर स्कूल में निपुण मेले का आयोजन होगा, जिसमें बाल रामलीला का मंचन होगा। कक्षा एक से पांच तक ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से पांच छोटे दृश्य भी साझा किए जाएंगे, जो शिक्षकों को निपुण रामलीला के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में सहायता करेंगे। शिक्षक इन पांच दृश्यों में से किसी एक दृश्य को मंचन के लिए चुन सकते हैं या अपने स्वयं के दृश्य की योजना भी बना सकते हैं। कक्षा तीन, चार, पांच के विद्यार्थियों की तुलना में कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को छोटे संवाद दिए जाएंगे।
विदित हो कि निपुण हरियाणा के तहत जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसमें स्कूल के बच्चे श्रीराम, सीता समेत अन्य पात्रों का किरदार निभाएंगे। अध्यापकों को रिहर्सल की पांच-छह मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करनी होगी।
मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में विद्यार्थियों को भाषा के साथ ही संस्कार सिखाने के लिए निपुण बाल रामलीला सिखाई जाएगी। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे रामायण के पात्रों का किरदार निभाएंगे। मुख्यालय के आदेशानुसार इसी सप्ताह से स्कूलों में रामलीला का अभ्यास शुरू हो जाएगा। निपुण बाल रामलीला करवाने के पीछे विभाग का उद्देश्य बच्चों की भाषा व संवाद को बेहतर बनाना है।
रामायण के पात्रों से उनके नैतिक व बौद्धिक स्तर में बढ़ोतरी होगी। कक्षा पहली से तीसरी के छात्रों को छोटे संवाद के जरिये रामायण से जोड़ने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चों में शुरू से ही त्याग, समर्पण, ईमानदारी और वचन परायणता जैसे गुण पैदा हो सकें और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
रामलीला मंचन की खास बात यह भी है कि इसमें केवल पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों को ही शामिल किया जाएगा। बाल रामलीला करवाने के लिए विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को कड़ी मेहनत करनी होगी। शिक्षकों के लिए विद्यार्थियों को डायलॉग याद करवाना और उसके बारे में समझाना बड़ी चुनौती रहेगी। जो संवाद विभाग की ओर से दिए गए हैं, वे शुद्ध हिंदी में हैं लेकिन छोटे बच्चों के लिए उन्हें याद करवाना बड़ी चुनौती होगी।
भाषा पर पकड़ बनाना है रामलीला का उद्देश्य
रामलीला के माध्यम से बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी पर पकड़ और संवाद कुशलता का विकास करने की योजना है। अध्यापकों को रामलीला की तीन से चार मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक के जरिये हैशटैग निपुण हरियाणा निपुण रामायण पर अपलोड करनी होगी। जिस स्कूल के बच्चों का मंचन सबसे बेहतर होगा, उसे निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक पेज पर प्रसारित एवं प्रचारित किया जाएगा। इसके अलावा जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा दिवस के दिन 11 नवंबर को बाल रामायण प्रतियोगिता करवाई जाएगी।
वर्जन
रामलीला का मंचन करवाने को लेकर राजकीय प्राथमिक स्कूलों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। 15 अक्तूबर तक स्कूलों में अभ्यास कराया जाएगा। 16 अक्तूबर को प्रत्येक स्कूल में निपुण मेला लगेगा, जिसमें रामलीला का मंचन करवाया जाएगा। - विपिन कुमार, एफएलएन समन्वयक