संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अप्रैल 2023 से न्यूरोसर्जन की नियुक्ति नहीं हुई है, जिससे ब्रेन ट्यूमर, सिर की चोट, स्ट्रोक और अन्य न्यूरोलॉजिकल से जुड़े मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
यहां न्यूरोसर्जरी विभाग में केवल एक सहायक प्रोफेसर का पद स्वीकृत है, जो पिछले डॉक्टर के इस्तीफे के बाद से खाली है। इस कारण मरीज इलाज के लिए रोहतक या चंडीगढ़ का रुख कर रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर के कुछ मरीज अंबाला स्थित अटल कैंसर केयर अस्पताल में सर्जरी करा लेते थे, लेकिन एक साल से वहां भी न्यूरोसर्जन नहीं है। मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में रोजाना औसतन पांच से छह दुर्घटना के मामले आते हैं, जिनमें से एक या दो सिर में चोट लगने के होते हैं।
सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। सामान्य सर्जन की ओर से भी गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। सामान्य सर्जन को भी गंभीर बीमारियों की सर्जरी का प्रशिक्षण दिया जाता है तभी भर्ती किया जाता है।