संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मन की उड़ान साहित्यिक मंच करनाल व एमडीडी आॅफ इंडिया करनाल यूनिट की ओर से बाल विवाह, बाल श्रम व बाल यौन शोषण मुक्त भारत कार्यक्रम का आयोजन बाल भवन में किया गया।
मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (सीजेएम) डॉ. इरम हसन ने कुछ इस तरह अपने जज्बातों को बयां किया, होठों पर मुस्कुराहट आंखों में नमी है, सब कुछ यहां पर फिर भी कोई कमी है।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय शायर गुलज़ार जिगर देवबंदी ने संदेश दिया- अच्छा सभी के साथ में व्यवहार कीजिए, बच्चे हैं जो मजबूर उनसे प्यार कीजिए....
शायर इकबाल ने जिम्मेदारी की बात की-हम बच्चों के मुस्तकबिल को मत अंधकार में डालो जी, घर की जिम्मेदारी पापा आप अपने आप संभालो जी... शायरी पेश की।
साहित्यकार डॉ. सत्यवीर सिंह निराला ने मासूमियत पर उठते सवालों का जवाब दिया- इन मासूमों की क्या खता बालकपन इनका लूटा गया, किस बात की सजा बालपन इनका लूटा गया...रचना सुनाई।
मन की उड़ान साहित्यिक मंच संस्थापक रामेश्वर देव ने बाल विवाह पर कुठाराघात किया-माथे पे इस समाज के ये दाग है ये भारी, फैली हुई है बाल विवाह की जो बीमारी..., कवयित्री पूनम गोयल ने बाल विवाह के दर्द से रूबरू कराया-झूलों से झूलते झूलते तूने मुझे डोली में बिठा दिया आखिर मां क्यों.... रचना सुनाई। कवि जय सिंह जीत ने बेटियों के सवालों को जुबां दी- करेगी लाखों सवाल बेटी ज़रूर हम से जवाब लेगी, कई जनम तक दुखी रही है उन्हीं दुखों का हिसाब लेगी रचना सुनाई।
साहित्यकार डॉ अशोक भाटिया बोले-उसने अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं था, वह बड़ा हुआ तो सोचा मैं बच्चों को जरूर पढ़ाऊंगा...। कवि डॉ देवी राम शर्मा ने कहा बाल विवाह मुक्त भारत हमने बनाना है...।
शिक्षित बना कर इनको, देश को महान बनाना है, रंजना डोगरा उत्तराखंड ने कहा वो छीन बचपन गिरा के चिलमन...। वो देखो शैली दिखा रहे हैं, कवयित्री सुशीला जांगड़ा जींद ने कहा बेटी जन्मी जिस घर में भाग्यशाली वह घर है, रोशन करेगी बेटी नाम मात पिता का बढ़े मान...। कवयित्री अंजु शर्मा ने कहा चौराहे पर देखो वो भीख रहे हैं मांग, जाना था स्कूल जिन्हें बस्ता कांधे टांग...। कवि जय भारद्वाज ने कहा इंसान हो इंसानियत से क्यूं बगावत करते हो...।
कवयित्री अंजली सरदाना ने कहा किसी के घर का मान है तू किसी की आंखों का अभियान है तू...। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि समाजसेवी पूनम गोयल व अधिवक्ता अंशुल चौधरी रहे, समाजसेवी प्रेम धीमान रहे।
इस दौरान सभी को बाल विवाह व बाल श्रम रोकने की शपथ दिलाई गई।