करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से 2022 में शुरू किया गया अंत्योदय सरल पोर्टल महिलाओं को घरेलू हिंसा जैसी संवेदनशील समस्याओं से निजात दिलाने और बिना थाने गए शिकायत दर्ज कराने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी इस डिजिटल व्यवस्था की पहुंच जमीनी स्तर तक नहीं हो पाई है।
अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच जिले में इस पोर्टल पर सिर्फ 10 शिकायतें दर्ज हुईं हैं, यह संख्या बताती है कि महिलाएं अब तक इस पोर्टल के बारे में जागरूक नहीं हैं।
पारिवारिक दबाव, सामाजिक संकोच और थाने जाने की हिचकिचाहट की वजह से कई महिलाएं आज भी अत्याचार सहने को मजबूर हैं। जबकि अब तकनीक ने उन्हें घर बैठे शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिया है।
लेकिन जब जानकारी ही नहीं है, तो अधिकार कैसे इस्तेमाल होंगे? यह पोर्टल न केवल तकनीकी सुविधा है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है। लेकिन जब तक इसकी जानकारी गांव-शहर की हर महिला तक नहीं पहुंचेगी, तब तक यह सिर्फ एक अवसर बना रहेगा, जिसका लाभ बहुत कम लोग ले पाएंगे। संवादी