नगर निगम के पार्षदों की आपात बैठक में एक बार फिर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा हावी रहा। अफसरशाही, अटके विकास कार्यों और सड़क निर्माण में एक ही कंपनी के टाइलों के लगाने का दबाव बनाने को लेकर पार्षदों ने अफसरों पर भ्रष्टाचार समेत कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। मेयर रेणु बाला गुप्ता के कार्यालय में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली बैठक में आरोप प्रत्यारोप का दौर, जारी रहा।
वहीं काम अटकाने को लेकर भी अफसरों पर आरोप जड़े गए। पार्षदों ने चेताया कि अगली सदन की बैठक में वे कमीशनखोरी के सबूतों के साथ आएंगे, ताकि ऐसे अधिकारियों को बेनकाब किया जा सके। बैठक में जमकर हंगामा हुआ और पार्षदों ने सुनवाई नहीं होने के कारण जमकर बवाल भी काटा। पूरी बैठक में एक्सईएन महिपाल और पीके गुप्ता समेत अन्य जेई पर आरोप जड़े गए। बाद में फैसला लिया गया कि आगामी सप्ताह में हाउस की बैठक बुलाई जाए।
बैठक सुबह दस बजे मेयर के कार्यालय में शुरू हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा हाल ही में नगर निगम द्वारा एक विशेष कंपनी की टाइलें सड़क निर्माण में लगाने के विरोध का रहा। पार्षदों ने आरोप जड़ा कि सरकार के दबाव के चलते निगम ने पानीपत की एक कंपनी की टाइलों को सड़क निर्माण में लगाने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन ठेकेदार भी इसके लिए तैयार नहीं है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि इस कंपनी के खिलाफ निगम के ठेकेदार भी लामबंद हो रहे हैं और टेंडर लगाने की प्रक्रिया में वे हिस्सा नहीं ले रहें है, जिस कारण वार्डों में विकास कार्य प्रभावित रहे है।
ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं
वार्ड नंबर 14 के पार्षद विनोद तितोरिया ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में कई टेंडर लगाए जाने हैं, लेकिन डेढ़ माह से कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले रहा है। इससे वार्ड की सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। पार्षद ने आरोप लगाया कि ठेकेदार इसलिए काम नहीं ले रहे हैं, क्योंकि नए नियमों के तहत सड़कों में एक विशेष कंपनी की टाइलें ही लगाई जानी हैं। इस पर सभी पार्षदों ने इसका विरोध किया और एकसुर में कहा कि वे इस कंपनी की टाइलें नहीं लगने देंगे। वहीं, वार्ड नंबर एक के पार्षद बाघ सिंह ने अधिकारियों पर निर्माण कार्यों को रोकने के आरोप लगाए और जानबूझ कर पार्षदों को अनसुना करने के आरोप भी जड़े।
अन्य पार्षदों ने भी अधिकारियों के रवैये को लेकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं, पार्षद बाघ सिंह, वार्ड 15 के पार्षद सतीश कुमार ने निगम के एक्सईएन व जेई व अन्य पर कमीशनखोरी के आरोप लगाए। पार्षद यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अधिकारी उसी ठेकेदार के काम को पूरा कराते हैं, जो उनको कमीशन देते हैं, कमीशन नहीं देने वालों के कार्यों में नुक्ताचीनी करके काम को रुकवा दिया जाता है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार पार्षद सदन की बैठक में अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं ।
बैठक नहीं होने का भी निकाला गुस्सा
बता दें कि डेढ़ माह से नगर निगम में हाउस की बैठक नहीं हो पाई है। वहीं, पार्षदों में अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने के कारण पार्षदों में नाराजगी है। इसी मामले को लेकर सुबह दस बजे निगम के पार्षदों ने आपात बैठक बुला ली। बैठक में पार्षदों ने हाउस की बैठक नहीं होने पर भी गुस्सा निकाला। पार्षदों ने मेयर ने इसी माह हाउस की बैठक बुलाने की मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि आगामी सप्ताह में बैठक की जाएगी, इसके लिए पार्षदों से एजेंडे भी मांगे गए।
एक्सईएन रहे निशाने पर
पूरी बैठक में निगम के कार्यकारी अभियंता महिपाल सिंह पार्षदों के निशाने पर रहे। पार्षदों ने महिपाल सिंह पर बैठक में उनके सामने ही भ्रष्टाचार के आरोप जड़े और उन पर काम रोकने के भी आरोप लगाए। पार्षद बाघ सिंह, भगवानदास अग्गी समेत अन्य पार्षदों के निशाने पर भी एक्सईएन रहे। वहीं, पार्षद सतीश कुमार ने कार्यकारी अभियंता पीके गुप्ता पर भी आरोप जड़े। जेई प्रदीप पर भी काम में लापरवाही करने समेत आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी जानबूझकर उनके वार्डों में विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार नहीं करा रहे हैं, जिससे लोगों के काम नहीं हो पा रहे हैं और लोग पार्षदों के घर धरने दे रहे हैं। उधर, एक्सइएन महिपाल समेत अन्य अधिकारियों ने सभी आरोपों को नकार दिया। हालांकि, पूरी बैठक के दौरान अधिकारी केवल आरोपों का स्पष्टीकरण देते नजर आए।
अगली बैठक में लाऊंगा सबूत : बाघ सिंह
पार्षद बाघ सिंह ने कहा कि हाउस की बैठक में अधिकारियों की कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के सबूत लेकर आऊंगा। एक्सईएन से लेकर जेई तक कमीशन फिक्स है, जो ठेकेदार पैसे नहीं देता, उसके काम को रुकवा दिया जाता है या फिर उसकी पेमेंट नहीं की जाती। मैं दावे के साथ कहता हूं कि निगम के अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। वहीं, वार्ड 15 के पार्षद सतीश ने भी कुछ इसी तरह के आरोप भरी मीटिंग में अधिकारियों पर जड़े।
ये हैं सुझाव
बैठक में पार्षदों ने सुझाव दिए
-हर वार्ड में एक डीसी रेट पर जेई तैनात किया जाए।
- ठेकेदार की पेमेंट से पहले पार्षद से पूछा जाए।
-अटके कार्यों के लिए विशेष रूप से एस्टीमेट तैयार कराए जाएं।
-एक विशेष कंपनी की टाइलें लगाने की शर्त हटाई जाए।
ये रहे मौजूद
बैठक में पार्षद बाघ सिंह, बलविंद्र सिंह, मोहित कांबोज, यशपाल मित्तल, सुदर्शन कुमार, विनोद तितोरिया, सतीश कुमार, जोगेंद्र सिंह, सुदेश गुलाटी, भगवानदास अग्गी समेत अन्य उपस्थित रहे। वहीं बैठक, मेयर रेणुबाला गुप्ता मौजूद रही, जहकि सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा बैठक से नदारद रहे।
वर्जन
पार्षदों ने कुछ बातों को लेकर नाराजगी जताई है। जल्द ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी, इसमें एजेंडे रखे जाएंगे। जिन पार्षदों के काम रुके हुए हैं, उनको बैठक में रखा जाएगा। डीसी रेट पर हर वार्ड में जेई रखने की मांग आई है, इस पर विचार किया जाएगा। टाइलों को लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई है, इस पर उनकी मांग मान ली गई है।
रेणुबाला गुप्ता, मेयर।
वर्जन
बिना तथ्यों के किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। अगर हमारा कोई कर्मचारी व अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पार्षदों ने टाइलों को लेकर नाराजगी जताई है, निगम पार्षदों के साथ है। सड़कों की मजबूती और क्वालिटी की टाइलों को लेकर कुछ पेरामीटर तय किए गए थे, ठेकेदारों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं है कि वे किसी एक कंपनी की टाइलें लगाएं। मैंने खुद पार्षदों से बात की है और उनको समझा दिया गया है। इसमें किसी की भी मंशा गलत नहीं है।
सुमेधा कटारिया, निगम आयुक्त।