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पांच गांवों के किसानों ने फिर काटा बवाल

Tue, 24 Sep 2013 10:34 PM IST
करनाल
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विवादित चकबंदी के मामले में मंगलवार को पांच गांव के किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और चकबंदी अधिकारियों को पुतला फूं का। इससे पहले लालूपुरा, कालरम, कैरवाली, अराईपुरा, अमुपुर के ग्रामीणों ने शहर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों की अगुवाई आईएसी सदस्य जेपी शेखपुरा कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आधे घंटे तक चकबंदी अधिकारियों को घेराव भी किया। मंगलवार को आईएसी सदस्यों के नेतृत्व में चकबंदी के दौरान खरीदी हुई जमीन को गंवाने वाले पांच गांव के पीड़ित किसान पुरानी कचहरी में एकत्रित हुए।

इसके बाद किसानों ने पटवारी व कानूनगो के विरोध में जमकर नारेबाजी की और आधे घंटे तक पटवारी दर्शन, प्रदीप पटवारी, नफे सिंह पटवारी, राम कुमार कानूनगो का घेराव करके रखा। इसके बाद पीड़ित किसानों का जत्था प्रदर्शन करते हुए अस्पताल चौक पर पहुंचा और यहां पर अधिकारियों का पुतला फूंका।
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प्रदर्शन में युवा व बुजुर्ग शामिल रहे और पुरानी कचहरी से अस्पताल चौक तक जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रदीप कालरम, नरेंद्र कुमार, सतीश राणा, रामनिवास सैनी, सपट्टर जोगी, ओमप्रकाश राणा, कुलबीर राणा, महीपाल राणा, रूला राम शामिल थे। इसके अलावा आईएसी के कार्यकर्ताओं ने भी इनका साथ दिया।

लालूपुरा गोलीकांड में सौंपा ज्ञापन
इसके बाद ग्रामीण लालूपुरा गोलीकांड में उचित जांच की मांग के लिए एसपी दफ्तर पर पहुंचे। यहां एसपी की गैरमौजूदगी में किसानों ने डीएसपी जोगेंद्र राठी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने लालूपुरा गोलीकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस ने गोलीकांड में जख्मी हुए ग्रामीणों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया और उन्हें जेल भेज दिया। जबकि जो लोग गोली चलाने में थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी जांच कराने की मांग ग्रामीणों ने उठाई।

नाटक के जरिए स्वास्थ्य विभाग की खोली पोल
आईएसी सदस्यों ने मंगलवार को नाटक के जरिए स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोली। इसके बाद आईएसी कार्यकर्ताओं ने सीएमओ वंदना भाटिया के सम्मुख 10 बातों का जवाब मांगा।

इन जवाबों में जरूरतमंद आदमियों को समय पर ब्लड न देना, बगैर पैसे सर्जन की ओर से मरीजों का हाल चाल न जानना, हड्डियों के डॉक्टर द्वारा सरकारी अस्पताल में आम मरीजों को इधर-उधर घुमाना, डिलीवरी के समय गरीब आदमी के बच्चे को जानबूझकर उल्टा बताना, पानी की कमी बताना आदि शामिल थे।

इन सवालों पर नाटक के जरिए आईएसी सदस्यों ने मरीजों व तीमारदारों को विभाग की मनमानी से अवगत कराया। इस दौरान जेपी शेखपुरा ने कहा कि बुढ़ापा व विकलांगों के पेंशन के लिए जो बोर्ड बैठता है, वो समय पर न बैठकर 12 बजे बैठता है और 1.30 बजे समाप्त हो जाता है। बुजुर्ग लोगों और विकलांगों के पास कोई अच्छी सुविधा बैठने की तक नहीं होने के कारण वह इधर-उधर घूमते रहते हैं। इसके बाद सदस्यों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा।
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