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Karnal News: राजा कर्ण के साथ भगवान श्रीकृष्ण की यादें तरोताजा करेंगी कर्णनगरी की दीवारें

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करनाल। शहर की पहचान महाभारत कालीन राजा दानवीर कर्ण से है, इसलिए करनाल को कर्णनगरी भी कहा जाता है। शहर में राजा कर्ण की कई निशानियां भी हैं, लेकिन अब नगर निगम ने भी शहर की इस महाभारत कालीन पहचान को अपने स्वच्छता अभियान से जोड़ लिया है। जिसके तहत शहर के फ्लाईओवरों के नीचे व पुलों की ऊंचाई के नीचे मौजूद जगह पर कर्ण और भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित महाभारत कालीन तस्वीरों को बनाया जा रहा है। इससे दीवारें तो सुंदर होंगी ही, साथ ही नजर पड़ते ही लोगों के दिलो दिमाग में दानवीर कर्ण और अर्जुन के सारथी कृष्ण की याद ताजा होगी।
मान्यता है कि करनाल राजा कर्ण का शहर है, उनकी निशानियों के रूप में कर्ण तालाब आदि कई ऐसे स्थल हैं, जहां नगर निगम ने राजा कर्ण की बड़ी प्रतिमाएं लगवाई हैं। यहां एक शिव मंदिर भी है, बताते हैं कि यहां राजा कर्ण स्नान कर पूजन करते थे और सवा मन सोना दान किया करते हैं। शहर में कहीं कर्ण पार्क हैं तो कहीं कर्ण झील। पिछले दिनों शहर में स्नार्ट सिटी के तहत भी राजा कर्ण की निशानियों का सुंदरीकरण कराया था, लेकिन अब नगर निगम ने इसे अपने स्वच्छता अभियान से जोड़ लिया है। पिछले दिनों नगर निगम ने शहर में एक पेटिंग प्रतियोगिता भी कराई थी, जिसमें भी चित्रकारी की थीम महाभारत पर ही आधारित थी। जिसमें कआ जिलों के चित्रकार विद्यार्थियों ने पुरस्कार भी जीते थे।
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फ्लाईओवर हो या फिर अन्य मुख्य सड़कों के किनारे, यहां पहले भी विभिन्न थीम पर आधारित कलाकृतियां बनाई गई थी लेकिन समय के साथ ये कलाकृत्रियां रंगविहीन होकर मिटने लगी हैं, जिससे दीवारें गंदी लगने लगी है। नगरनिगम की आयुक्त डॉ.वैशाली शर्मा ने स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए इन दीवारों को फिर से सुंदर बनाने का ये तरीका निकाला है।
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अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि शहर के सभी फ्लाईओवर, सरकारी स्कूल कॉलेज व नगरनिगम के भवनों की सड़क की साइड वाली दीवारों पर महाभारत के पात्र कर्ण और भगवान श्रीकृष्ण के कार्यो पर आधारित थीम पर कलाकृत्रियां बनवाई जा रही हैं, जिससे शहर की पहचान तो ताजा होगी ही, दीवारें भी सुंदर होने से शहर की खूबसूरती भी बढ़ेगी। इसका लाभ स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भी मिलेगा।
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