फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्रवाई के लिए ग्रामीणों ने थाना घरौंडा में काटा बवाल

Sun, 22 Dec 2013 10:39 PM IST
करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
घरौंडा के गांव चौरा में एक युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए मृतक के परिजनों ने पुलिस स्टेशन में जमकर बवाल काटा।
विज्ञापन


परिजनों ने सरपंच को सस्पेंड करने व उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग के लिए थाने का घेराव किया। गुस्साए परिजनों को देख थाने में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी सुनील कुमार ने परिजनों को दो दिन के अंदर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत करवाया। मृतक शिवम के पिता ने बताया कि वह बारहवीं कक्षा का छात्र था।

उसके साथ स्कूल में किसी बात पर 13 दिसंबर को मामूली झगड़ा हो गया था। बाद में गांव के सरपंच की देखरेख में एक पंचायत गांव में की गई, जिसमें शिवम को पंचायती तौर पर सजा दी गई। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और जिनके साथ झगड़ा हुआ था, उन्होंने फिर शिवम को धमकाया। इसके चलते शिवम ने 17 दिसंबर को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन


युवक मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पांच दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बार-बार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोरे आश्वासन दे रही है।

रविवार को मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों महिला व पुरुष एकत्रित होकर पुलिस स्टेशन में पहुंच गए और उन्होंने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा देख तुरंत थाने में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। एक घंटे तक पुलिस व परिजनों के बीच नोंकझोंक चलती रही।

प्रदर्शनकारी हाथ में पट्टियां लेकर इंसाफ की गुहार लगा रहे थे और गांव के सरपंच को सस्पेंड करने व आरोपियों को काबू करने की मांग की। परिजनों ने पुलिस पर ढीली कार्रवाई करने का आरोप लगाया। बाद में डीएसपी सुनील कुमार ने परिजनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर परिजनों का शांत करवाया।

डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच चल रही है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों को दो दिन के अंदर मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर डीएसपी ने शांत करवाया।

कंप्यूटर की दुकान से बारह लाख की चोरी
करनाल में मुगल केनाल स्थित कंप्यूटर की दुकान के ताले तोड़कर चोरों ने बारह लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया।

दुकान में रखे 25 लैपटॉप व दो एलसीडी के अलावा अन्य कीमती सामान चोर यहां से ले गए। वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची सेक्टर 13 पुलिस ने एफएसएल की सहायता से सबूत जुटाकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने दुकान मालिक के बयान पर मामला दर्ज किया है। कंप्यूटर की दुकान के मालिक एकता कॉलोनी निवासी संजीव कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे दुकान बंद करने के बाद अपने घर चले गए थे।

स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण शनिवार को उन्होंने अपनी दुकान नहीं खोली। रविवार सुबह 10 बजे पड़ोसियाें ने दुकान के ताले टूटे होने की सुचना दी। मौके पर पहुंचकर देखा तो दुकान के शटर पर लगे ताले गायब थे लेकिन दुकान का शटर बंद था। जैसे ही दुकान का शटर उठाकर देखा तो आंखेें खुलीं की खुलीं रह गई। संजीव ने बताया कि चोरों ने दुकान से 25 लैपटॉप, दो एलसीडी के अलावा अन्य असेसरी सहित 12 लाख रुपये का सामान उड़ाने की वारदात को अंजाम दिया है।

चुराए गए सामान में आठ लैपटॉप तो डिस्पले के लिए बाहर रखे हुए थे। दुकान पर पहुंचकर हालत देखते ही सेक्टर 13 पुलिस को सूचित कर दिया गया। सेक्टर 13 पुलिस ने एफएसएल टीम की सहायता से मौके का मुआयना करने के बाद जांच शुरू कर दी है।

कैंसर से ग्रस्त अधेड़ प्रॉपर्टी डीलर ने होटल में लगाया फंदा
करनाल में बीमारी से तंग अधेड़ प्रॉपर्टी डीलर ने शहर के एक होटल में आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मरने से पूर्व प्रॉपर्टी डीलर ने एक कागज पर सतनाम वाहेगुरु लिखने के बाद कैंसर की बीमारी का जिक्र किया है, जिसमें अपनी मर्जी से जीवनलीला समाप्त करने की बात कहकर परिजनों से माफी मांगी है।

परिजनों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से अरविंदर पाल सिंह सभी नाते खत्म करने के बाद परिवार से अलग रहने लगा था। थाना शहर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल की टीम की सहायता से मौका मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा कि उसे कैंसर की बीमारी थी या फिर कोई ओर मामला है।

48 वर्षीय अरविंदर पाल सिंह पिछले कई सालों से अपने परिवार से अलग रहता था। 17 दिसंबर से अरविंदर पाल सिंह फर्नीचर मार्केट स्थित एक होटल के कमरे में रह रहा था। 21 दिसंबर की दोपहर करीब तीन बजे केे बाद अरविंदर पाल सिंह ने न तो अपने कमरे से बाहर आया और न ही उसने होटल प्रबंधन से खाने की मांग की।

पिछले 24 घंटे से कमरे का दरवाजा बंद देख रविवार को होटल के वेटर ने दरवाजे को खटकाया तो किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं होने पर थाना शहर पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर दलबल के साथ पहुंचे थाना शहर प्रभारी नायाब सिंह ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत एफएसएल की टीम की सहायता से कमरे की जांच की। मुआयना करने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।

सूचना मिलने पर पहुंचे मृतक अरविंदर पाल सिंह के बेटे साहिब व कुंवर ने बताया कि वे लोग आरकेपुरम में रहते हैं। पिछले आठ साल से उनके पिता के साथ उनके संबंध नहीं होने के कारण वे उनसे अलग रहते थे। वे नहीं जानते कि अरविंदर पाल सिंह अब कहा रहते थे और क्या करते थे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।

थाना शहर प्रभारी नायाब सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया है कि मृतक के शरीर पर पुराने जख्मों के निशान है, जबकि नया कोई भी जख्म दिखाई नहीं दिया। अभी तक की जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा हो सकता है लेकिन मौत के सही कारणों का खुलासा तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। उसकी बीमारी के बारे में परिजनों को भी कोई जानकारी नहीं है। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें