असंध क्षेत्र के गांव की दुष्कर्म पीड़िता 15 साल की किशोरी ने सिविल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। चाचा पर दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस ने पॉक्सो की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोपी ने साढ़े आठ माह पहले लड़की को घर में अकेली पाकर घटना को अंजाम दिया था। 11 मार्च को पेट में दर्द होने पर लड़की ने अपनी मां को बताया। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पता चला कि वह गर्भवती है। लड़की ने 13 मार्च को बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल से सूचना के बाद असंध महिला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपी अमर को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
थाना पुलिस को दिए बयान के अनुसार किशोरी के माता-पिता मजदूरी करते हैं। वह तीन भाई-बहन हैं। पड़ोस में ही रिश्ते में चाचा लगने वाला आरोपी अमर रहता है। करीब साढ़े आठ माह पहले माता-पिता काम पर जाने के के बाद वह घर में अकेली थी, तभी उसका चाचा अमर घर आया। उससे दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर आरोपी ने लड़की को जान से मारने की धमकी दी। इसके कुछ दिन बाद अमर दोबारा उनके घर आया। उस समय भी घर पर कोई नहीं था। आरोपी ने फिर उसके साथ गलत काम किया। उसने डर के कारण किसी को इस बारे में कुछ नहीं बताया।
-
वर्जन
पुलिस ने लड़की के बयान पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, घर में घुसने, आपराधिक धमकी देने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। 14 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। नाबालिग ने जिस बच्चे को जन्म दिया है, उसे डॉक्टर ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया है। -सुनीता, प्रभारी, महिला थाना, असंध