संवाद न्यूज एजेंसी
असंध (करनाल)। सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंगलवार को करनाल जिले के असंध स्थित हैफेड शुगर मिल के 17वें पेराई सत्र का हवन में आहुतियां देने के बाद गन्ना चेन का बटन दबाकर शुभारंभ किया। चेन में गन्ने भी डाले, इसके बाद पेराई का कार्य शुरू हो गया।
इस मौके पर सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी, उनके गन्ने का भुगतान पर समय पर दिया जाएगा। शुभारंभ के मौके पर असंध के विधायक योगेंद्र राणा, प्रबंध निदेशक हैफेड पंचकूला मुकुल कुमार, महा प्रबंधक विजय सिंह, सीजीएम हैफेड पंचकूला रजनीश शर्मा, जीएम हैफेड जोगेंद्र सिंह व डीजीएम राकेश कुमार ने मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के साथ मिलकर हवन में आहुतियां डालीं।
सहकारिता मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्षो में मिल ने राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता और वित्तीय प्रबंधन में कई पुरस्कार प्राप्त करके क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। हरियाणा सरकार किसानों को देश में गन्ने का सर्वाधिक भाव दे रही है। आगामी गन्ना सीजन 2025-26 के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार की सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिए मिल द्वारा गन्ना विकास योजना तैयार की गई है, जिसमें लगभग पांच करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण व लगभग 66 लाख रुपये अनुदान देने का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने कहा कि नौकरियों में पारदर्शिता रखते हुए सरकार ने हाल ही में 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए हैं। आने वाले समय में दो लाख युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी।
वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए हर वर्ग को भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। प्रदेश में 33 हजार पंजीकृत सहकारी समितियां है, जिनसे 55 लाख लोग जुड़े हैं। सरकार हर वर्ग की भलाई के लिए वचनबद्ध है।
विधायक योगेंद्र राणा ने कहा कि चीनी मिल असंध द्वारा किसानों के प्रोत्साहन के लिए किसानों को विभिन्न सुविधाओं के रूप में जैसे कि ब्याज मुक्त ऋण पर गन्ना बीज, उर्वरक व कीटनाशक उपलब्ध करवाए जा रहें हैं। असंध चीनी मिल के अंतर्गत क्षेत्र में गन्ने की बिजाई का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए हैफेड 2024-25 के लिए आकर्षक गन्ना विकास योजना तैयार कर रही है।
प्रबंध निदेशक (हैफेड पंचकूला) मुकुल कुमार ने कहा कि गन्ना किसान मोबाइल ऐप प्रदान की गई है, जिसमें किसान अपने घर से अपने गन्ने संबंधित रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं व किसानों को मोबाइल संदेश द्वारा भी उनकी गन्ना सर्वे, गन्ना भुगतान व पर्ची ब्यौरा भेजा जाता है।
नई तकनीक से किसानों की गन्ना ट्राली का टोकन किसान खुद अपने घर पर ही मोबाइल द्वारा लगा पाएंगे। सहकारिता मंत्री सहित सभी अतिथियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इससे पहले सबसे पहले गन्ना लाने वाले फफड़ाना के दलबीर सिंह, अमरजीत सिंह व रोहित कुमार, अदियाणा के धर्मबीर सिंह, गगसीना के बारू राम, पाढ़ा के तेजबीर आदि किसानों को सम्मानित किया गया।