करनाल। दमकल विभाग की हड़ताल का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। हड़ताल ने दमकल की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर आग लगने की सूचना के बावजूद दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर नहीं पहुंच पा रही हैं। कारण रोडवेज के चालक और होमगार्ड के जवानों का दमकल के कार्य के लिए प्रशिक्षित नहीं होना है। वह उस रफ्तार में गाड़ी नहीं दाैड़ा पा रहे हैं जिसमें दमकल कर्मी दाैड़ा रहे थे।
वीरवार को मूनक क्षेत्र में पांच एकड़ में फैली आग के दौरान दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकी। इससे नुकसान बढ़ गया। शुक्रवार सुबह काछवा रोड पर हुई आगजनी की घटना में भी दमकल के देर से पहुंचने की शिकायत सामने आई है। जिले के 161 दमकलकर्मी हड़ताल पर हैं। विभाग की गाड़ियां चलाने की जिम्मेदारी रोडवेज और होमगार्ड के जवानों को सौंपी गई है। हालांकि इन जवानों को सीमित प्रशिक्षण होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचने और हालात संभालने में देरी हो रही है।
जिले में दमकल विभाग में कुल 182 कर्मचारी और 21 गाड़ी मौजूद हैं। इसमें से 23 कर्मचारी नियमित और 159 कर्मचारी पे रोल पर हैं। हड़ताल में कुल 161 कर्मचारी शामिल है। इनमें 159 पे रोल और 2 पक्के कर्मचारी हैं।
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पानी से भरी गाड़ी चलाने और रास्तों का अनुभव नहीं
रोडवेज के वे चालक दमकल में सेवाएं दे रहे हैं जोकि लंबे समय से रूट पर नहीं चल रहे हैं। इन चालकों को पानी से भरी गाड़ी को चलाने का अनुभव भी नहीं है। उनको स्थानीय रास्तों की भी जानकारी नहीं है। इस कारण से घटनास्थल तक पहुंचने में देरी होती है।
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दो दिनों में पांच जगह लगी आग, चार जगह देरी से पहुंची गाड़ी
हड़ताल के पहले दिन यानी बुधवार को कोई आगजनी की घटना नहीं हुई। वीरवार को जिले में तीन जगहों और शुक्रवार को दो जगहों पर आग लगी। शुक्रवार को काछवा रोड पर कपड़ों की दुकान में आग लगने के बाद दो बार फोन करने के बाद गाड़ी मौके पर पहुंची। स्टाैंडी गांव के पास खेतों के नजदीक अचानक आग लग गई थी। वहां गाड़ी पहुंची तो आग खेतों तक पहुंचने वाली थी।
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वर्जन
वैकल्पिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। सूचना लेट आने पर देरी हो जाती है। प्रयास रहता है कि समय पर पहुंचकर मदद की जाए। - दीपक शर्मा, फायर ऑफिसर, दमकल विभाग, करनाल