माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सदर बाजार में महीनों से स्थापित अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का लोकार्पण हो चुका है। भारत की पहली महिला वीरांगना की प्रतिमा अब नई पीढ़ी में देश की रक्षा में आगे खड़े रहने का जोश भरेगी। कर्ण नगरी में अखिल भारतीय लोधी समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद धूमधाम से शोभायात्रा निकालकर इस प्रतिमा का अनावरण किया गया।
प्रतिमा का अनावरण अखिल भारतीय लोधी महासभा के अध्यक्ष एवं एटा सदर के विधायक लोधी विपिन कुमार वर्मा डेविड द्वारा किया गया। अनावरण समारोह में लांजी मध्य प्रदेश के विधायक राजकुमार कराहे, छत्तीसगढ़ से विधायक यशोदा वर्मा, पूर्व मंत्री राजीव लोधी और पूर्व विधायक अनिता वर्मा विशेष तौर पर पहुंचे।
अमर उजाला ने शहर में विभिन्न जगहों पर स्थापित महानुभावों की प्रतिमाओं के ढके होने व अनावरण के इंतजार को लेकर माननीयों द्वारा समय न देने के मामले को प्रमुखता से उठाया था। सात नवंबर के अंक में इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं करनाल के जिलाध्यक्ष सुरिंद्र लोधी ने अगले दिन ही अनावरण की तिथि के समय को तय किया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिमा को स्थापित हुए कई माह का समय बीत चुका है, लेकिन अनावरण के लिए समय नहीं मिल पाया। समाज की ओर से करनाल में राष्ट्रीय अधिवेशन किया जा रहा है। अब इससे अगले दिन ही प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था पर पूर्व सीएम ओपी चौटाला के निधन से राजकीय शोक के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके।
उज्जैन में तैयार हुई प्रतिमा ःराष्ट्रीय महासचिव के अनुसार, भारत की पहली महिला शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा को उज्जैन से तैयार कराया गया। करीब पांच लाख रुपये की लागत से फाइबर की इस प्रतिमा को आर्टिस्ट रघुनंदन नरवरिया ने बनाया है। साढ़े 12 फुट की ऊंची प्रतिमा साढ़े सात फुट का चबूतरे पर स्थापित है।
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की पहली महिला शहीद वीरांगना थीं। वे 1857 के भारतीय विद्रोह में अहम भूमिका निभाने वाली थीं। उनका जन्म 16 अगस्त, 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम राव जुझार सिंह और माता का नाम कृष्णा बाई था।