संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों की पौध तैयार करने के लिए बनाए गए खेल परिसर देखभाल के अभाव में जर्जर हो रहे हैं। इनमें सुविधाओं के अभाव के कारण खिलाड़ी इनमें अभ्यास के लिए नहीं आते हैं। इंद्री ब्लाॅक के गांव इंद्रगढ का खेल स्टेडियम की स्थिति भी ऐसी ही है। मैदान में पांच फीट लंबी घास उगी हुई है। खिड़की व दरवाजे टूटे हुए हैं।
स्टेडियम में न उपकरण हैं न कोच की ही नियुक्ति हुई है। जिस कारण खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने से वंचित हैं। कोई चौकीदार नहीं होने से पशु भी मैदान में घुस आते हैं। सरपंच मनीष कुमार ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए खेल विभाग की ओर से 10 साल पहले यह स्टेडियम बनाया था। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग के अधिकारी आए लेकिन दुर्दशा देखकर चले गए। परिसर में बनी बिल्डिंग में कई बार नशे के इंजेक्शन पड़े मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जब सरकार ने गांवों में खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए स्टेडियम बनाए हैं तो अब इनकी अनदेखी क्यूं कर रही है। अगर यही हाल खेल परिसर का रहा तो कैसे ग्रामीण क्षेत्र से युवा खेल में देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने बताया कि यहां पर खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। आसपास के गांवों में केवल यहीं एक खेल परिसर है, लेकिन इसकी तरफ खेल विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
खेल परिसर का किया जाएगा निरीक्षण
जिला खेल उपनिदेशक राकेश पांडे ने बताया कि ग्रामीण खेल परिसर का टीम बनाकर बहुत जल्द निरीक्षण किया जाएगा। परिसर में जो कमियां होंगी उनको दूर करने के लिए काम किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को प्राप्त सुविधा मिल सके और कोई खिलाड़ी खेलने से वंचित नहीं रहना चाहिए।