संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। श्री राम सेवा मंडल की ओर नवरात्र पर महाबीर मंदिर में संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया।
शनिवार की कथा में अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक राम कथा मर्मज्ञ विद्वान आचार्य प्रहलाद मिश्रा रामायणी ने कहा कि सत्संग ज्ञान और भगवत भक्ति दोनों की शुरुआत और प्रकट होने का स्रोत है।
सत्संग का अर्थ है सत्य की संगति या पवित्र लोगों का समूह, यह एक ऐसा स्थान है जहां लोग परमात्मा की चर्चा, भक्ति, ज्ञान और ध्यान के बारे में विचार करते हैं। उन्होंने बताया कि रामचरितमानस में भगवान राम को एक परमहंस के रूप में दर्शाया गया है, जिनके जीवन में धर्म के 10 लक्षण और चारों पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष) का पूर्ण निर्वाह होता है। कथा का शुभारंभ राजकुमार तायल एवं समाजसेवी वेद सलूजा ने किया।
आचार्य प्रहलाद मिश्रा ने कहा समग्र संसार प्रभु श्रीराम के पावन नाम का भजन करता है। हमारे देश का नाम भारत कई कारणों से जुड़ा है, जिनमें से एक कारण है कि रामायण, महाभारत और श्रीमद्भागवत महापुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों में भरत नाम के विभिन्न पात्रों का उल्लेख है, जो इस देश के लिए महत्वपूर्ण पहचान बन गए।
श्रीराम कथा का भरत प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस अवसर पर मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता, वेद सलूजा, राजकुमार तायल व गणमान्य लोगों को स्मृति विह्ल देकर सम्मानित किया गया। श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से सभी सदस्यों की ओर से महाराज श्री का सम्मान किया गया।
कथा में समाजसेवी हंसराज पाहुजा, अध्यक्ष सतपाल सचदेवा, गणेश खन्ना, संत लाल दुआ, हनुमान सेवा समिति अध्यक्ष अमन शर्मा, विपिन छाबड़ा, रवि सरदाना, बालकिशन त्रिपाठी, मनोज सचदेवा, बिट्टू सरदाना, सुरेंद्र खुराना पार्षद, दाता राम, सुरेश चावला, प्रवीन बत्तरा, राजेश जैन मौजूद रहे।