शिक्षा विभाग में अधिकारियों की लेटलतीफी और लापरवाही इस कदर है कि सालों पहले बंद हो चुका जिले के निसिंग खंड का फतेहगढ़ प्राइमरी स्कूल विभाग के कागजों में आज भी चल रहा है। बच्चे भी स्कूल आते हैं और टीचर भी कक्षा लेता है। इसका खुलासा तब हुआ जब विभाग ने एमआईएस पोर्टल के रिकॉर्ड का डीईईओ द्वारा भेजे गए जिले के रिकॉर्ड से मिलान किया।
दरअसल एमआईएस पोर्टल पर जिले में 487 प्राइमरी स्कूल वर्किंग में हैं, जबकि डीईईओ की रिपोर्ट में 488 स्कूल दिखाए गए हैं, यानी कि एक स्कूल अतिरिक्त। रिकार्ड में सिर्फ यहीं गड़बड़ी नहीं है। बल्कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या में भी काफी अंतर है। इन 488 प्राइमरी स्कूलों में विभाग के पोर्टल अनुसार, 2179 टीचर स्कूलों में कार्यरत हैं, जबकि डीईईओ के रिकॉर्ड में शिक्षकों की संख्या 2151 है, यानी कि ट्रांसफर हो चुके 28 टीचर आज भी मुख्यालय के हिसाब से जिले में कार्यरत हैं। इसी तरह एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों की संख्या 51935 और डीईईओ के रिकॉर्ड 52436 यानी कि 501 विद्यार्थियों का रिकॉर्ड मुख्यालय के पास नहीं है। इस गड़बड़ी पर मौलिक शिक्षा निदेशालय ने डीईईओ को पत्र जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
डाचर स्कूल में कार्यरत है फतेहगढ़ का टीचर
अधिकारियों के अनुसार, हुआ यूं कि फतेहगढ़ का प्राइमरी स्कूल की छात्र संख्या शून्य हो गई थी। यहां एक टीचर कार्यरत था। इसलिए इस शिक्षक को यहां से डाचर के स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद फतेहगढ़ स्कूल को बंद कर दिया। यह रिकॉर्ड एमआईएस पोर्टल पर तो अपडेट कर दिया, लेकिन जिले के रिकॉर्ड में आज भी चल रहा है।
जानिए... पोर्टल और डीईईओ के रिकॉर्ड में कितना अंतर-
करनाल पोर्टल रिकॉर्ड अंतर
स्कूल 487 488 01
टीचर 2179 2151 28
विद्यार्थी 51935 52436 501
डीईइओ बोले, स्कूलों से मांगी दोबारा रिपोर्ट
डीईईओ रोहताश वर्मा का कहना है कि स्कूल, टीचर और विद्यार्थी तीनों का रिकॉर्ड मुख्यालय को सभी बीईओ और स्कूल हेड की ओर से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही भेजा गया। कहां गड़बड़ी हुई इसकी जांच कराने के लिए सभी स्कूलों से दोबारा रिपोर्ट मांगी है। एमआईएस पोर्टल पर बच्चों का डाटा चल रहे नए एडमिशन के कारण नहीं अपडेट हुआ। वहीं टीचर का आंकड़ा हमारा सही है, कुछ ट्रांसफर हो चुके शिक्षकों ने पोर्टल पर नई ज्वाइनिंग अपडेट नहीं की होगी।