माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नेशनल हाईवे-44 को पश्चिमी बाईपास से जोड़ने वाले कट के पास सड़क पूरी तरह से उखड़ी हुई है। इसके कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है और रोजाना हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा उखड़ी सड़क होने के कारण वाहनों की रफ्तार भी थम जाती है, इससे जाम लग रहा है। यह हालात तब हैं, जब हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त एनएचएआई सहित अन्य विभागों को सड़कों के हालात दुरुस्त करने के निर्देश देते हैं, इसके बावजूद सड़क की स्थिति खराब है।
वीरवार को अमर उजाला ने नेशनल हाईवे-44 पर नमस्ते चौक से लेकर हवेली तक के हाईवे की पड़ताल की तो कई चौक पर सड़क उखड़ी मिली। सबसे ज्यादा स्लीप वे के हालात खराब मिले। इसके अतिरिक्त पश्चिमी बाईपास को हाईवे से जोड़ने वाली सड़क चौक से लेकर झिलमिल ढाबा तक उखड़ी मिली। हर वक्त भारी वाहनों के दबाव रहने के कारण सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण दो पहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा असंतुलित होते हैं। इसके अलावा यहां पर करनाल की ओर जाने वाले वाहन भी अंडरपास से गुजरते हैं। इस कारण जाम लगा रहता है।
गड्ढे में टायर फंसने से बाइक सवार की हुई थी मौत
सितंबर माह में झिलमिल ढाबे के पास गड्ढे में बाइक का टायर फंसने से बाइक सवार नई दिल्ली निवासी राजीव सड़क पर गिर गए। हादसे में गंभीर चोट आने पर उनकी मौत हो गई। इधर, हादसे से करीब दो घंटे बाद करनाल पहुंचे युवक के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और शवगृह के बाहर करीब तीन घंटे तक हंगामा किया था।
कर्ण लेक के नजदीक ब्लैक स्पॉट
हाईवे पर सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। झिलमिल ढाबे के पास जिस जगह बाइक सवार सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ। यहां मयूर ढाबे से लेकर कर्ण लेक तक पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस जगह को गत वर्ष ब्लैक स्पॉट भी घोषित किया गया था। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि सुधार को लेकर कोई कार्य एनएचएआई की ओर से नहीं किया गया, तभी हादसों पर लगाम नहीं लग रही है।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को नोटिस देकर सड़क की मरम्मत के लिए कहा जाएगा। कोहरे में यहां हादसे न हों, इसके लिए विशेष एहतियात बरतने और जरूरी इंतजाम करने की जरूरत है।
- उत्तम सिंह, डीसी करनाल