करनाल। बाहरी वाहनों के यातायात दबाव को कम करके शहर को रफ्तार देने वाले रिंग रोड प्रोजेक्ट का काम कछुआ चाल से चल रहा है। परियोजना को पूरा करने की दो डेडलाइन बीत चुकी हैं और अभी भी करीब 15 प्रतिशत तक काम अधूरा है। इसमें कुटेल के पास फ्लाईओवर, सड़क की लेयर और रोड फर्नीचर एवं सड़क सुरक्षा संबंधित जरूरी उपकरणों का काम शेष है।
इस परियोजना का काम 31 मार्च, 2026 तक पूरा करने का दूसरा लक्ष्य रखा गया था। अब दावा है कि 30 जून तक इसे पूरा करके नए मार्ग से वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्य को अगस्त 2025 तक पूरा करना था लेकिन 2024 में प्रदूषण बढ़ने के बाद लगे ग्रैप-4 के कारण निर्माण कार्य काफी समय तक बंद रहा। इसका असर यह हुआ कि अब निर्माण कार्य को पूरा करने की तिथि सात माह तक आगे बढ़ाई गई। इसके बाद 2025 के अंत में सर्दी और ग्रैप अड़चन बन गए। इसके अलावा फरवरी से अब तक किसानों की ओर से सर्विस लेन की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
कुल 34 किलोमीटर लंबा यह रिंग रोड 23 गांवों से गुजर रहा है। इसके निर्माण में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जून 2023 में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने इसका शिलान्यास किया था। 27 माह में 60 मीटर चौड़े छह लेन रिंग रोड पर 20 जगह अंडरपास भी दिए गए हैं। 22 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा चुकी है। सरकार की ओर से एनएचएआई के भारतमाला परियोजना के तहत अगले 30 साल की आबादी और ट्रैफिक लोड को ध्यान में रखते हुए रिंग रोड प्रोजेक्ट तैयार किया गया था।
220 केवी लाइन और किसानों का धरना बड़ी अड़चन
निर्माण एजेंसी के प्रोेजेक्ट प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि कुटेल के पास हाईवे के ऊपर से 220 केवी की लाइन गुजर रही है, इस कारण इस क्षेत्र का काम अटका है, इसे शिफ्ट कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस माह के अंत तक इसके हटते ही काम शुरू कर देंगे। किसानों को हटवाने का काम प्रशासन का है।
15 फ्लाईओवर और छह एंट्री-एग्जिट
प्रोजेक्ट की डीपीआर के अनुसार, करनाल ग्रीन फील्ड के तहत छह लेन का हाईवे होगा। 60 मीटर चौड़े हाईवे पर 15 फ्लाईओवर और 20 अंडरपास होंगे। गांव के लोगों को चढ़ने उतरने में दिक्कत न हो, इसलिए करीब छह जगह से हाईवे पर जाने के लिए प्रवेश और निकास कट भी दिए जाएंगे। शेखपुरा सुहाना गांव के पास एक कट और सर्विस लेन की मांग के लिए किसान आंदोलनरत हैं।
ऐसे दो फेज में बंटा रिंग रोड
फेज-1 : राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शामगढ़ से विवान होटल के नजदीक से शुरू होकर गांव दरड़ से नेवल, शेखपुरा, गंजोगढ़ी से होते कुटेल के पास टोल प्लाजा तक।
फेज-2 : पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर बनी सड़क जो कैथल रोड को क्रॉस करती आगे बड़ौता गांव तक जाएगी और वहां से खरकाली, झिमरहेड़ी होते एनएच-44 को पार करते हुए दरड़ के पास मिलेगा।
इन 23 गांवों से गुजर रहा रिंग रोड
परियोजना में नीलोखेड़ी खंड के गांव शामगढ़, दादूपर, झंझाड़ी, कुराली, दरड़, सलारू, टपराना, दनियालपुर व नेवल, करनाल खंड के गांव कुंजपुरा, सुभरी, छपराखेड़ा, सुहाना, शेखपुरा, रांवर, गंजोगढ़ी, बड़ौता, कुटेल व ऊंचासमाना और घरौंडा खंड के गांव खरकाली, झिमरहेड़ी, समालखा व बिजना सहित 23 गांवों से रिंग रोड गुजर रहा है।
वर्जन
रिंग रोड का 15 प्रतिशत कार्य ही शेष है। ग्रैप की स्थिति के कारण दिक्कत बनी है। जून, 2026 से पहले काम पूरा कर लेंगे। - भानू प्रताप, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई