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ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार महिला का नहीं मिला रिमांड, अदालत ने पुलिस को लगाई फटकार

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प्रताप पब्लिक स्कूल के मालिक, प्रिंसिपल और तहसीलदार के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के हाईप्रोफाइल मामले में सवा सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार की गई पीड़िता और उसके पति को पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश किया। साथ ही शेष पैसे की बरामदगी के लिए दो दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने रिमांड खारिज कर महिला को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही मामले के जांच अधिकारी को जमकर फटकार लगायी। अदालत ने सवालों के पर पुलिस बेबस नजर आयी। अदालत ने पूछा कि आप कितने साल से आईओ हो, क्या आपको जानकारी नहीं है कि ट्रैप के मामलों में क्या करना होता है। इस मामले में जो पैसे पुलिस ने महिला से बरामद दिखाए हैं, उसका सबूत क्या है? क्या आपके पास इसकी वीडियोग्राफी है, आपने नोटों पर पाउडर क्यों नहीं लगाया?
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विदित हो कि प्रताप पब्लिक स्कूल के मालिक अजय भाटिया ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि महिला दुष्कर्म के मामले में समझौते के लिए उसको ब्लैकमेल कर रही है। इसके बदले में वह पहले छह लाख रुपये ले चुकी है और सवा सात लाख रुपये की मांग कर रही है। पुलिस ने केस दर्ज करके सिविल प्रशासन से रेड के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवाया। इसके बाद कोर्ट परिसर की पार्किंग में गाड़ी में जैसे ही पैसे दिये गए तो पुलिस ने आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को महिला और उसके पति को अदालत के सामने पेश किया गया। मामले के जांच अधिकारी एसआई जगबीर सिंह ने अदालत से महिला का दो दिन का रिमांड मांगा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि पहले ली गई 6 लाख रुपये की राशि बरामद करनी है। इस पर महिला के वकील विनय बंसल ने बताया कि पुलिस एक दिन पहले ही महिला को कुरुक्षेत्र ले जा चुकी है और वहां से कोई राशि बरामद नहीं हुई। इस पर अदालत ने कहा कि जब एक दिन पहले कुछ बरामद नहीं कर पाए तो दो दिन में क्या हो जाएगा? महिला के वकील द्वारा एफआईआर और पुलिस की स्टोरी को फर्जी करार दिया गया। साथ ही साजिश के तहत पीड़िता को ही फंसाने की दलील दी गयी।
पीड़िता को जड़ा थप्पड़, मीडिया के सामने न आने देने की कोशिश
पुलिस ने महिला और उसके पति को अदालत में पहले तो सामने से पेश किया, लेकिन जब मीडियाकर्मी वहां पर पहुंचे तो अदालत के फैसले के बाद दोनों को पीछे से निकाल लिया गया। पुलिस द्वारा पूरी कोशिश की गई कि महिला पत्रकारों से बातचीत न कर सके। इससे पहले, महिला थाना से जब महिला को अदालत में लाया जा रहा था को महिला मीडिया से बात करने लगी तो एक महिला कर्मी ने उसको थप्पड़ तक जड़ दिया और उसे धक्के मारते हुए गाड़ी में डाल दिया।
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महिला ने चिल्लाकर रहा, विधायक के बेटे शिव और संजीव मंगलौरा ने फंसाया
मीडिया को दिये बयान में महिला ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी साजिश करार दिया है। महिला ने कहा कि वह और उसका पति अपने वकील से मिलने के लिए आये थे। साथ में हमारा बच्चा भी था। संजीव मंगलौरा ने हमें बुलाया था। अचानक से पैसों से भरा थैला फेंक दिया गया और पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। महिला ने आरोप लगाया कि इस मामले में नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर के बेटे का हाथ है। उसने यह भी कहा कि विधायक के बेटे का दोस्त संजीव मंगलौरा है। यह सब उसको फंसाने के लिए किया गया है। महिला ने कहा कि उसे अदालत पर भरोसा है और न्याय के लिए लड़ती रहेगी।
झूठी है पुलिस की स्टोरी
महिला के वकील विनय बंसल ने कहा कि पुलिस द्वारा बनाई गई स्टोरी पूरी तरह से झूठी है। मेरी क्लाइंट ने न तो किसी से पैसे मांगे और न ही किसी से पैसे लिये। जबरदस्ती उसको पैसे देकर फंसाया गया है। इस मामले में अदालत ने भी मामले के जांच अधिकारी को फटकार लगाई है और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किये हैं।
पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई : डीएसपी
इस बारे में डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस के पास अजय भाटिया की शिकायत आई थी कि महिला उसको ब्लैकमेल कर रही है। छह लाख रुपये पहले ले चुकी है और सवा सात लाख रुपये और मांग रही है। इस पर प्रशासन की ओर से एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवाया गया। उनके मौजदूगी में ही महिला से पैसे बरामद किये गए हैं। पुलिस के पास पुख्ता सबूत है कि पैसे महिला से ही बरामद किये गए हैं।
जुलाई में हुआ था केस दर्ज
6 जुलाई को प्रताप स्कूल में लाइब्रेरियन रही महिला ने स्कूल मालिक अजय भाटिया, प्रिंसिपल पूनम नेवट और तहसीलदार राज बख्श के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। वहीं भाटिया की ओर से भी महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कराया गया था। इस पर एसपी की ओर से दोनों मामलों की जांच के लिए दो अलग-अलग एसआईटी बनाई गई थी। अभी एसआईटी की जांच चल ही रही थी कि ब्लैकमेलिंग में महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया।
अभी कई सवालों के जवाब का इंतजार
बेशक महिला ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार हो गई है, लेकिन अभी इस मामले से जुड़े कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही किसी अन्य के। सबसे बड़ी बात ये है कि क्या महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था या नहीं? पुलिस दुष्कर्म के मामले में अभी कुछ नहीं कह पा रही है।
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