नई अनाज मंडी के शैड में जगह न होने के कारण बाहर लगी धान की ढ़ेरियां। संवाद
करनाल। धान खरीद को लेकर सरकार के दावे और अनाज मंडियों की हकीकत आमने-सामने खड़ी है। सरकार 48 से 72 घंटे में खरीदे गए धान का भुगतान और समय पर उठान का दावा कर रही है लेकिन मंडियों में खरीद और उठान की रफ्तार बेहद धीमी है। हालात यह हैं कि किसानों का धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है और शेड पहले से खरीदे गए धान की बोरियों से भरे हैं।
एसडीएम ने ली खरीद की जानकारी : घरौंडा। नई अनाज मंडी में धान की खरीद को सुचारू रूप से चलाने और किसानों को आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए एसडीएम अनुभव मेहता बुधवार शाम मंडी पहुंचे। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों और सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारियों के साथ मंडी का निरीक्षण किया। संवाद