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Karnal News: चुलकाना के लोग अतिक्रमण से परेशान, मंदिर के चारों तरफ गलियों में नहीं रास्ता

Mon, 18 May 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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सुरेश कुमार
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कुलदीप राठी
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चुलकाना (समालखा)। चुलकाना गांव स्थित श्याम बाबा में लोगों की आस्था बढ़ने के साथ गांव ने बाजार का रूप लेना शुरू कर दिया है। गांव में चारों तरफ प्रसाद, पूजा के सामान और मूर्तियों की दुकान बन गईं हैं। इसके साथ श्याम बाबा मंदिर के चारों तरफ और नजदीक की गलियों में अतिक्रमण हो गया है। ऐसे में लोगों का कार या गाड़ी तो दूर दोपहिया वाहन से भी निकल पाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग इसके समाधान की मांग कई बार उठा चुके हैं। अब तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन और पुलिस फाल्गुन महीने में इस पर कार्रवाई करती है। अब पुलिस चौकी बनने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है।

सुरेश कुमार ने बताया कि मंदिर में लोगों की आस्था बढ़ने के साथ गांव ने बाजार का रूप लेना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने दुकानों के बाहर सामान रखना शुरू कर दिया है। इससे अतिक्रमण बढ़ गया है। मंदिर प्रबंधन लोगों को जागरूक करता है। इसके बाद फिर से अतिक्रमण बढ़ जाता है। प्रशासन और पुलिस को जागरूकता लाने की जरूरत है।
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सोमपाल छौक्कर ने बताया कि मंदिर के तीन में से दो गेट लोगों के लिए खुले रहते हैं। दोनों जगह फिरनी से लेकर मंदिर के गेट तक दुकान बना रखी है। लोगों ने दुकानों के बाहर कई-कई फीट तक सामान रख लिया है। गांव के अड्डे से छदिया गांव जाने वाली मुख्य सड़क पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे राहगीरों को भी परेशानी होती है।



रामकुवार ने बताया कि गांव श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर पुलिस प्रशासन ने चौकी बनाई है। इससे गांव में सुरक्षा का माहौल बढ़ा है। पुलिस की ओर से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को जागरूक किया जाए। इसके बाद कार्रवाई भी की जा सकती है। अतिक्रमण के चलते ग्रामीणों के दैनिक कार्य भी बाधित होते हैं।

मंजीत खटक ने बताया कि ऐतिहासिक वृक्ष के नीचे उनका बचपन गुजरा है और इसी पेड़ की छाया के नीचे खेल कूदकर बड़े हुए हैं। इस पेड़ की खासियत ये है कि गांव में आज भी गौरेया पक्षी अपना आश्रय लिए हुए हैं। यह एक लुप्त होती प्रजाति है। प्रशासन और वन विभाग को इसका संरक्षण करना चाहिए। किसी दिन यह पेड़ भी अतिक्रमण और कब्जे की भेंट चढ़ जाएगा।
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अजीत इंदौरा ने बताया कि चुलकाना धाम पर ऐतिहासिक जाल का वृक्ष धानक समाज के मोहल्ले (बगड़) में खड़ा है। यह करीब 500 साल पुराना है। स्थानीय लोग इसकी देखरेख कर रहे हैं। यह एक तरह से गांव की धरोहर है। इसे संभालकर रखने की जरूरत है। प्रशासन अधिग्रहण कर इसका जीर्णोद्धार करें और इस ऐतिहासिक विरासत को बचाने का काम करें।

सुरेश कुमार

सुरेश कुमार

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