माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/नीलोखेड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की सर्विस लेन पर जिस खुले नाले में गिरने से नीलोखेड़ी के युवक की जान गई थी, उसे एनएचएआई की टीम ने स्लैब लगाकर ढक दिया है। हादसे में लापरवाही सामने आने के बाद ही टीम हरकत में आ गई और शुक्रवार को मौके का मुआयना किया गया। शनिवार को सुबह खुला नाला नई स्लैब से ढका हुआ मिला।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल का कहना है कि केवल इसी नाले को अधिकारियों ने ढका है, जबकि कुरुक्षेत्र से लेकर पानीपत सीमा तक जिले में 150 से ज्यादा जगहों पर नाला खुला है, इन्हें भी ढका जाना चाहिए। हादसा तो यहां पर भी हो सकता है तो क्या अब अधिकारी किसी और बढ़े हादसे की इंतजार में हैं।
विदित हो कि तरावड़ी के नजदीक पेट्रोल पंप के पास बुधवार देर रात को सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से युवक की बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सवार दोनों युवक करीब चार फुट गहरे खुले नाले में जा गिरे। हादसे में हिमांशु की अस्पताल पहुंचने तक मौत हो गई थी। ब्यूरो
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नाले पर नहीं थी स्लैब, पास में बिखरी थीं ईंटें
हाईवे पर जिस जगह पर हादसा हुआ, यहां नाले की ऊपर की स्लैब टूटी हुई थी। इस नाले के पास में ईंटें भी बिखरी हुई थी। देखने में ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ट्राली से ईंटें गिरी हो। हालांकि अगले दिन एनएचएआई की टीम ने बताया कि नाले की सफाई और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम चलने के कारण इसे खोला गया था।
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