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जन्म रिकॉर्ड में 15 वर्ष तक लिखवा सकेंगे बच्चे का नाम

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। बच्चे का जन्म रिकॉर्ड इंद्राज करने के समय उसके नाम का कॉलम खाली छोड़ दिया जाता है। जिसे माता-पिता शपथ पत्र देकर जन्म से 15 वर्ष तक कभी भी लिखवा सकते हैं। निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के समय अस्पताल में नाम, पता इत्यादि ध्यानपूर्वक लिखवाएं ताकि भविष्य में कोई असुविधा न हो। जिन बच्चों का 15 वर्ष से ऊपर तक नगर निगम में रिकॉर्ड दर्ज है, परंतु बच्चे के नाम का कॉलम खाली है, वह बच्चों के नाम जल्द दर्ज करवाएं। यह सुविधा सरकार ने दिसंबर 2024 तक दी है।
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम की जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा ने 1970 से अब तक रिकॉर्ड अपडेट कर लिया है। अब किसी को भी जन्म या मृत्यु से संबंधित प्रमाणपत्र की आवश्यकता हो तो वह सरल हरियाणा पोर्टल (सरल हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन) या अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदक को ऑनलाइन ही जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। उसे निगम कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
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इससे संबंधित अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति अटल सेवा केंद्र में जाकर जन्म, मृत्यु, नाम में संशोधन, विलंब केस तथा अन उपलब्धता प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है। इसके लिए किसी मध्यस्थ के पास जाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए पहले उसे नगर निगम से फाइल लेनी होगी और उसमें बताए गए सभी जरूरी दस्तावेज लगाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद व्यक्ति या आवेदक प्रमाणपत्र, अटल सेवा केंद्र या सरल केंद्र, जहां से भी अप्लाई किया हो, वहां से प्राप्त कर सकता है। ये सभी सेवाएं सरकार द्वारा सेवा के अधिकार के अंतर्गत निर्धारित समयावधि में नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही है।
जिनका रिकॉर्ड नहीं, वह लें अनुपलब्धता प्रमाणपत्र
उप-रजिस्ट्रार (जन्म/मृत्यु) डॉ. रमेश शर्मा ने बताया कि जिस व्यक्ति का रिकॉर्ड नगर निगम में उपलब्ध नहीं मिलता, उसे पहले निगम से अनुपलब्धता प्रमाणपत्र लेना होगा। उसके बाद अपना जन्म या किसी की मृत्यु का प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए फाइल तैयार करनी होगी और उसमें अनुपलब्धता प्रमाणपत्र लगाना होगा।
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फाइल किस स्थिति में है मोबाइल पर मिलेगा संदेश
निगमायुक्त ने बताया कि आवेदक की फाइल कहां और किस स्थिति में है, उसका संदेश उसे मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से मिलता रहता है। इसलिए अब उसे अपने कार्य के लिए फाइल के बारे में पूछने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
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