माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम ने वीरवार को एक बार फिर संपत्ति कर डिफाल्टरों के खिलाफ सीलिंग व अटैचमेंट की कार्रवाई शुरू की। सूचीबद्ध 11 में से 8 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर निगम का प्रवर्तन दल पहुंचा। इन पर करीब 27.72 लाख रुपये का संपत्ति कर लंबे समय से बकाया है। इनमें से दो इंडस्टि्रयों सहित तीन संपत्तियों को कुर्क कर सील कर दिया गया, इन्हें निगम ने अटैच कर लिया। तीन अन्य संपत्ति मालिकों ने मौके पर बकाया राशि का भुगतान कर बचा लिया। वहीं दो अन्य ने अंडरटेकिंग देकर दो से सात दिनों की मोहलत मांग ली।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि कई संपत्ति मालिक लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं, इस कारण उन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है। तीन-तीन नोटिस जारी करके भुगतान करने को कहा गया है लेकिन इन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसी कड़ी में वीरवार को 11 संपत्तियों को अटैच करने के लिए कार्रवाई शुरू की गई। इनमें से तीन संपत्तियों को भुगतान नहीं दिए जाने पर कुर्क कर सील कर दिया गया। इनमें दयानंद कॉलोनी स्थित एलीगेंट डिजाइन संपत्ति का कर एक लाख 31 हजार रुपये, सेक्टर-3 एचएसआईआईडीसी में नंबर 254 इंडस्ट्री का संपत्ति कर एक लाख 77 हजार रुपये तथा यहीं की 110 नंबर इंडस्ट्री का संपत्ति कर 2 लाख 44 हजार रुपये हैं। तीनों संपत्तियों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 130 के तहत अटैच किया गया है।
इसके अलावा तीन अन्य संपत्तियों पर प्रवर्तन दल पहुंचा तो उन्होंने मौके पर करीब 4 लाख 69 हजार रुपये संपत्ति कर भर दिया। इसमें अल्फा सिटी स्थित आईएनआर प्रॉपर्टीज, जिस पर संपत्ति कर के 2.31 लाख रुपये, सेक्टर-3 एचएसआईआईडीसी स्थित 167 नंबर पारस फीड इंडस्ट्री, जिस पर 1.04 लाख रुपये तथा न्यू बहादुर चंद कॉलोनी स्थित 788 नंबर प्रॉपर्टी मालिक, जिस पर 1.34 लाख रुपये का बकाया था, शामिल हैं। इसी बीच दयानंद कॉलोनी की एलीगेंट डिजाइन के संपत्ति मालिक ने सील होने के बाद 1.31 लाख रुपये संपत्ति कर जमा करा दिया है।
2.30 लाख रुपये कर मौके पर कराया जमा
इसके अलावा दो संपत्ति मालिकों ने अंडरटेंकिंग देकर संपत्ति कर जमा करवाने के लिए दो से सात दिनों की मोहलत मांगी है। इन्हें चेतावनी दी गई कि यदि देय अवधि में कर जमा नहीं करवाते तो उनकी संपत्ति की कुर्की कर दी जाएगी। तीन अन्य बकायादारों ने कुर्की की कार्रवाई शुरू होने से पूर्व 2.30 लाख रुपये संपत्ति कर जमा करा दिया, जिससे वह कार्रवाई से बच गए। कार्रवाई के उप ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में निगम उपायुक्त अभय सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अंकुश पराशर, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह व सुनील कुमार, प्रवर्तन दल में सहायक जितेंद्र मलिक के साथ पुलिस मौजूद रही।
कर जमा न कराने पर कुर्क संपत्ति की होगी नीलामी
निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि शीघ्र 18 और बकायेदार वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को कुर्की के आदेश जारी किए जाएंगे। जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उन्होंने संपत्ति कर जमा नहीं करवाया तो उनकी संपत्तियों को नीलाम कर संपत्ति कर वसूला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कुर्क की गई संपत्तियों से यदि कोई व्यक्ति छेड़छाड़ करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि संबंधित लोग जल्द बकाया संपत्ति कर जमा करते हैं तो कुर्की की कार्रवाई से बच सकते हैं।