जनसंवाद के दौरान एक अधिकारी को चोर बता गाली देने के मामले में मंगलवार को सांसद संजय भाटिया ने सीएम के सामने पत्रकारों को मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि गाली किसी को व्यक्तिगत रूप से नहीं दी गई। जैसे बातचीत में हमारे मुंह से बात निकलती है। यह भी वैसे ही थी। लेकिन फिर भी मैं जनप्रतिनिधि हूं। लोग मुझे फॉलो करते हैं। मैंने एक सीख ली है कि बातचीत करते हुए फ्लो में भी मेरे मुंह से गलत शब्द नहीं निकलना चाहिए। सांसद मंगलवार को सीएम मनोहर लाल के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंचे थे। यहां सीएम की पत्रकारों से बातचीत के बाद उन्होंने खुद सीएम के सीट से उठते ही पत्रकारों से मामले पर बात की।
यह है मामला-
जनसंवाद के दौरान शनिवार को घरौंडा मार्केट कमेटी कार्यालय में करनाल सांसद संजय भाटिया की जुबान फिसल गयी। उन्होंने सरकारी अधिकारी को न सिर्फ चोर करार दिया, बल्कि गालियां भी दीं। गांव कैमला के पूर्व सरपंच रमेश वर्मा ने सांसद संजय भाटिया को टूरिज्म विभाग के खिलाफ शिकायत दी। शिकायत सुनते हुए संजय भाटिया ने गाली देते कहा कि ये अधिकारी चोर है। इसके बाद उन्होंने शिकायत लेकर आये पूर्व सरपंच रमेश वर्मा से कहा कि आप लिखित में शिकायत दें कि कैसे डिपार्टमेंट ने सीनियर कर्मचारी के बजाय जूनियर को प्रमोशन दे दिया। शिकायत सुनने के बाद संजय भाटिया ने रमेश वर्मा से कहा कि आप फोन करवाने के बजाय लिखित में शिकायत दें ताकि सिस्टम ठीक किया जाए। शिकायत देखते हुए सांसद भाटिया का पारा चढ़ गया। उस समय विधायक हरविन्द्र कल्याण भी लोगों की समस्याएं सुन रहे थे।
संघ से बोले, अधिकारी बताओ, मैं माफी मांग लूंगा
सर्व कर्मचारी संघ ने भी सांसद द्वारा गाली देने के मामले का विरोध किया है और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग रखी है। इस पर सांसद का कहना है कि संघ भी मुझे ये बता दे कि मैंने किस अधिकारी के लिए वह अपशब्द बोला था? तो मैं उनसे भी माफी मांग लूंगा।