राजीव कॉलोनी में तीन युवकों ने 15 हजार रुपये के लेनदेन और नशा नहीं करने पर हुए विवाद में अपने नाबालिग दोस्त की उसी के घर पर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद दोस्तों ने शव को उसकी ही बाइक पर भैंसवाल गंदा नाला पुल के नीचे ले गए। जहां पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। जब परिजनों को बेटे के लापता होने की सूचना मिली तो हत्या आरोपी दोस्त परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश करने का ड्रामा भी करते रहे। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई तो दोनों को बाइक शव ले जाते देखा गया। परिजनों ने इसकी सूचना किला थाना पुलिस को दी। पुलिस ने तीनों हत्यारोपी युवकों को हिरासत में लिया और उनकी निशानदेही पर अधजला शव भी बरामद कर लिया गया है। दोस्तों ने पुलिस के सामने वारदात में कबूलनामा कर लिया है। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल में भिजवाया, जहां डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
मूल रूप से औरंगाबाद के गांव सेखपुरा के रहने वाले मजदी अंसारी ने बताया कि वह 15 सालों से पानीपत की राजीव कॉलोनी में किराये के मकान पर रहता है। वह एक दुकान में टेलर है। परिवार में उसकी पत्नी प्रवीण खातून, बड़ा बेटा सुहेल, छोटा बेटा सुहेब और बेटी साहिबा है। उसके बड़े बेटे 17 वर्षीय सुहेल की उसके दोस्त सोहेल, समीर मलिक और गौतम ने हत्या कर दी है।
वह 20 जनवरी को अपने पैतृक गांव गए थे। सुहेल ने उनसे कहा था कि वह घर पर अकेला रहकर देखरेख करेगा। सुहेल के दोस्त सलमान का फोन आया था। सलमान ने बताया कि सुहेल कमरे पर नहीं है। कमरे का दरवाजा भी खुला हैं। सलमान ने इसके बाद उसके भतीजे राहुल को फोन कर सुहेल के बारे में पूछा, लेकिन किसी को सुहेल की जानकारी नहीं मिली। पड़ोसियों ने अपने स्तर पर सुहेल की तलाश की, लेकिन ना तो घर पर उसकी बाइक थी और ना ही कपड़े थे।
जिस पर परिजन सोमवार को राजीव कॉलोनी में अपने घर आ गए। कॉलोनी के लोगों ने सीसीटीवी कैमरों से सुहेल की तलाश की तो सोमवार की सुबह पांच बजे बाइक पर सुहेल का दोस्त गौतम व सोहेल उसके शव को बाइक में बीच में बैठाकर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद किला थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। ुुलिस ने हत्या के आरोप में गौतम, सोहेल व समीर मलिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तीनों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने भैंसवाल गांव के पास गंदे नाले के पुल के नीचे सुहेल के शव को बाइक से पैट्रोल डालकर जला दिया है। उन्होंने सुहेल के कमरे में ही उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या की थी। फिर शव को जला दिया ताकि किसी को उसके बारे में पता ना चले।
रात को साढ़े 9 बजे रेकी की, फिर सीढ़ी लाकर 15 फीट ऊपर छत पर चढ़े हत्यारे
सुहेल रात को 9 बजे खाना खाकर चौबारे पर अपने कमरे में सोने चला गया था। उसके घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रात को साढ़े 9 बजे गौतम, सोहेल व उनका दोस्त समीर मलिक सोहेल के घर की रेकी करते हुए कैमरे में कैद हुए। इन्होंने आधा घंटा तक रेकी की। सुबह 3 बजे गौतम व सोहेल 15 फुट ऊंची सीढ़ी लेकर आए और दोस्त सोहेल के कमरे पर लगाकर ऊपर चढ़ गए। उन्होंने सीढ़ी को भी ऊपर खींच ली। ठीक दो घंटे के बाद ये सुहेल के शव को घसीटकर नीचे लेेकर आए और उसकी बाइक पर उसके शव को बीच में बैठाकर ले गए। किसी को शक ना हो इसलिए उन्होंने कमरे में खून के निशान उसी के कपड़ों से साफ कर दिए थे।
सबको लगे सुहेल अपने कपड़े और बाइक लेकर चला गया ह
सुहेल को मारने से पहले आरोपियों ने उसकी हत्या की पूरी प्लानिंग की थी। इन्होंने सुहेल को मारने के बाद उसके कमरे से ही बैग उठाया और सारे कपड़े उसमें डाले। उसके कमरे की अच्छे से सफाई भी कर दी थी। आरोपियों ने ऐसा जाहिर करने का प्रयास किया था कि लोगों को लगे सुहेल अपने कपड़े व बाइक लेकर कहीं चला गया है।
दोस्त नशा करने के लिए कहते थे, इसलिए सुहेल ने बना ली थी दूरियां
सुहेल का अपने दोस्त सोहेल, गौतम व समीर मलिक के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर भी कई दिनों से विवाद चल रहा था। आरोपी सोहेल, गौतम व समीर शराब व अन्य नशा करते हैं। परिजनों ने बताया कि सुहेल ने नशे के कारण ही इनसे दूरियां बना ली थी। ये बात आरोपियों को अखरने लगी थी।
हत्या करने के बाद परिजनों के साथ मिलकर ढूंढा भी
सुहेल की हत्या करने के बाद आरोपी दोस्तों ने परिजनों के साथ मिलकर दिन भर अपने दोस्त की तलाश करने का ड्रामा भी किया, ताकि किसी को उन पर शक ना हो। उसका मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त बाइक आरोपियों से रिमांड के दौरान बरामद होगी।
सुबह होने के कारण शव को नहीं जला पाए तो अगली रात पर जाकर शव को जलाया
आरोपियों ने दोस्त सुहेल की हत्या रविवार की रात और सोमवार की सुबह 3 व 5 बजे के बीच की थी। ये शव को सीधा भैंसवाल रोड पर गंदे नाले पुल के नीचे ले गए। सुबह हो चुकी थी। इसलिए इन्होंने शव को दफना दिया। रविवार रात को आरोपी दोबारा वहां पर आए पैट्रोल डालकर शव को जला दिया, लेकिन शव पूरी तरह नहीं जला। इन्होंने दोबारा को दफना दिया।