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Karnal News: प्रदेश स्तरीय कमेटी की जांच पूरी नहीं, अब पुलिस की एसआईटी गठित

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। धान घोटाले में राइस मिलरों के लिए गठित प्रदेश स्तरीय अफसरों की कमेटी अब तक जिले के राइस मिलों की भौतिक सत्यापन की जांच पूरी नहीं कर पाई थी कि दूसरी ओर जिला पुलिस की गठित एसआईटी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एसआईटी के रडार पर घोटाले में शामिल आढ़ती और वे किसान भी हैं, जिनके खातों में फर्जी भुगतान कराया गया था। एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए करनाल अनाज मंडी में हुए फर्जी गेटपास के मामले में आढ़ती नरेश को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार प्रदेश स्तरीय अफसरों की कमेटी को भौतिक सत्यापन से अब कुछ खास मामला हाथ नहीं लगा है। केवल कुछ ही मिलों में कुछ ही क्विंटल की गड़बड़ी पाई गई है। प्रदेश स्तरीय छह टीमों में से कुछ ने जांच पूरी तो कर दी है लेकिन सभी टीमें जांच पूरी नहीं कर पाई हैं। जिले के सभी 231 राइस मिलों की जांच पूरी करने के बाद ही सरकार को सौंपी जाएगी।
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अब मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया ने डीएसपी राजीव को एसआईटी का इंचार्ज बनाया। उनके साथ जिला पुलिस की चारों सीआईए टीम और संबंधित दर्ज हुए केस के थानों के मुखियाओं को भी शामिल किया गया। एसआईटी ने फर्जीवाड़े में शामिल आढ़तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अब ऐसे किसानों से भी पूछताछ की जाएगी जिनके बैंक खातों में फसल का भुगतान हुआ है। एसपी गंगा राम पूनिया का कहना है कि घोटाले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उनकी टीम जांच में जुटी हुई है।

17 अधिकारियों पर प्राथमिकी, 11 हो चुके निलंबित
घोटाले में विभागीय कार्रवाई की बात करें तो अब तक असंध की दो राइस मिल में हुए घोटाले को लेकर तीन अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। इनमें हैफेड के जिला मैनेजर अमित कुमार, असंध प्रबंधक सुरेंद्र, निरीक्षक अशोक को निलंबित किया जा चुका है। करनाल मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी, ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल और मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली को निलंबित किया जा चुका है। हालांकि इनमें गिरफ्तार किए जा चुके पंकज तुली की मौत हो चुकी है। घरौंडा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चार निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ और अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, तरावड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक निरीक्षक रामफल को निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई
पुलिस ने अब तक धान घोटाले में छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। असंध में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी राइस मिलर शीशपाल और सुनील गोयल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि इस मामले में आरोपी तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इंद्री पुलिस थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल एएस राइस मिले के दो संचालकों अशोक कुमार निवासी चौरा, डबकौली और संजय कुमार निवासी वार्ड-13, निरंकारी कॉलोनी इंद्री को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। बुटाना थाना क्षेत्र के शेखपुरा खालसा गांव के यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सदर थाना करनाल में बतान फूड्स राइस मिल सलारु के संचालक सतीश कुमार अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
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करनाल में हुए गेटपास फर्जीवाड़े को लेकर थाना शहर में दर्ज प्राथमिकी में जांच में शामिल कर्मचारी राजेंद्र कुमार वासी बुढ़नपुर वीरान इंद्री, अमित कुमार वासी दादुपुर रोडान और अजय कुमार वासी खेड़ीनरू पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल घरौंडा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चार निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ और अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश और इनके अलावा तरावड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक निरीक्षक रामफल समेत मार्केट कमेटी तरावड़ी सचिव संजीव सचेदवा भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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