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बेमौसमी बरसात ने बढ़ाई परेशानी

Sat, 15 Feb 2014 12:34 AM IST
कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र में वीरवार शाम से शुरू हुई बरसात आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है। बरसात के साथ ही मौसम और ठंडा हो गया।
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इस बेमौसमी बरसात के कारण शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी रही। वर्षा के कारण गेहूं की फसल में पानी खड़ा होने से जहां कुछ हद तक प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है, वहीं सब्जियों विशेषकर आलू की पछेती फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई। खेतों में खड़ी गेहूं तेज हवा के कारण बिछने लगी है। कई निचले स्थानों पर गेहूं की फसल को मिट्टी से पोषक तत्व न मिलने से फसल पीली होने लगी है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बरसात इसी तरह चलती रही, तो फिर गेहूं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव काफी हद तक बढे़गा। इस तरह किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पडे़गा।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला भर में खूब बरसात हुई और पाला भी जमकर पड़ा है। इस कारण सब्जियों के राजा आलू की फसल जिला भर में ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में करीब 15 प्रतिशत तक बर्बाद हो चुकी है। वीरवार देर रात बरसात का सिलसिला शुरू हुआ और शुक्रवार को भी सारा दिन आसमान से बादल बरसते रहे। इस कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी है। आज सारा दिन बरसात का क्रम जारी रहा।

कभी हल्की बौछारें पड़ी, तो कभी तेज बरसात हुई। बरसात के साथ चली ठंडी ने मौसम में ठिठुरन बढ़ाने के अलावा किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। किसान लैंबर सिंह, गुरपाल सिंह, जगस्वर्ण सिंह, परमजीत सिंह गाबा, गुरमीत सिंह मद्दीपुर सहित अन्य किसानों ने बताया कि बरसात की वजह से गेहूं की फसल में पानी खड़ा होने से वह बर्बाद हो रही है।

मौसम की मार झेलने को मजबूर किसानों ने बताया कि इस समय बरसात की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं, लेकिन लगातार हो रही वर्षा उनके लिए चिंता का विषय है। रूक-रूक कर हो रही बरसात और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ भारी वर्षा ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है।

कई स्थानों पर गेहूं की फसल में पानी खड़ा होने से पौधे गलने लगे हैं। किसान अमर धंतौड़ी ने बताया कि हाल ही में बिजाई की गई प्याज की पौध में भी पानी खड़ा होने से वह खराब होने लगी है। उन्होंने बताया कि प्याज के दाम पहले ही आसमान को छू रहे है। अब प्याज की फसल खराब होने के कारण इसके दाम बढे़ंगे, जिससे आमजन को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।
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क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक  
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर सीबी सिंह के अनुसार आजकल बेल वाली फसल और सूरजमुखी की बिजाई करने का समय है, लेकिन बरसात के कारण बिजाई की गई फसल खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि इन फसलों की बिजाई के लिए 15 जनवरी से 15 फरवरी तक का समय उपयुक्त होता है, लेकिन इस बार इन दिनों तापमान 11 से 20 डिग्री सेल्सियस रहा है, जबकि इन फसलों के लिए उपयुक्त तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस कारण बेल वाली सब्जियों के बीज का जमाव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि जमीन में नमी की मात्रा काफी अधिक है।
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