निफा की ओर से शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव के शहीदी दिवस पर
रविवार को बसताड़ा स्थित आरपीआईआईटी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं को
जागरूक किया गया।
शहीद राजगुरू के पड़पोते शांतनु राजगुरू व अभिनेता,
निर्माता-निर्देशक मंगल ढिल्लों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मशाल जलाकर और
फेसबुक का विमोचन कर करप्शन फ्री करनाल अभियान का शुभारंभ किया। करनाल ने
तब नया इतिहास रचा जब 3032 युवकों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध विश्व की सबसे
बड़ी मानव मशाल का निर्माण किया।
इस नए विश्व रिकार्ड के लिए किए गए प्रमाण
के तहत कुल 3572 लोगाें ने पंजीकृत कराया। इनमें से 3032 मानव मशाल में
शामिल हुए और छह मिनट तक खड़े होकर एक नए विश्व रिकार्ड का सफल प्रयास
किया। मानव मशाल में मशाल का निर्माण काली टी-शर्ट व काली टोपी में तैयार
2014 लड़कियों ने किया, जबकि मशाल की लपटें 2017 लड़कों ने बसंती, संतरी
रंग की टी-शर्ट पहन और पगड़ी पहनकर की।
भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद,
वंदेमातरम के भी नारे गूंजे। युवकाें ने शहीदों पर आधारित मेरा रंग दे
बसंती चोला समेत कई देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। निफा के राष्ट्रीय संयोजक
एडवोकेट नरेश बराना का दावा है कि इससे पहले गुजरात में स्वामी विवेकानंद
जयंती पर 1500 युवाओं ने मिलकर मानव मशाल बनाई थी। रविवार को इस रिकार्ड को
तोड़ते हुए करनाल में नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
निफा
अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने बताया कि इस विश्व रिकार्ड के प्रयास के
मूल्यांकन के लिए दो स्वतंत्र गवाह बनाए गए हैं। जो अपनी रिपोर्ट विश्व
रिकार्ड के कार्यक्रम की वीडियो और फोटो सहित सौंपेंगे और गिनीज बुक ऑफ
वर्ल्ड रिकार्ड से स्वीकार होने के बाद यह भ्रष्टाचार के खिलाफ शहीदों को
समर्पित चौथा गिनीज विश्व रिकार्ड होगा। शांतनु राजगुरू ने कहा कि शहीद
पूरे देश के होते हैं।
शहीदों के बताए मार्ग पर चलकर ही इस देश का भला हो
सकता है। जो मशाल बनाई गई है, वह सांकेतिक है, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ
पूरे देश को जगाने की जरूरत है। वे जिस महान शहीदों के वंशज हैं। उनके लिए
राष्ट्र धर्म व संबंधों से भी बढ़कर है। अभिनेता मंगल ढिल्लाें ने कहा कि
जो कौमें अपने शहीदों के शहादत व जयंती नहीं मनातीं वो मुर्दा होती हैं।
उन्होंने देशभक्तों को याद करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को परमात्मा के
नाम से जुड़ने का आह्वान भी किया।
देशभक्ति के मार्ग पर चलने की दी सलाह
निफा
के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट नरेश बराना ने मंच का संचालन किया और युवाआें
को देशभक्ति के मार्ग पर चलने की सलाह दी। इस अवसर पर दीवान कुलदीप
चोपड़ा, भतर सिंघल, डॉ. राजीव सिंघल, घनश्याम शर्मा, सौरभ गुप्ता, परमजीत
सिंह आहूजा, रमेश चंद, गुरप्रीत सिंह, परमिंद्र पाल सिंह, जेआर कालड़ा, रूप
नारायण चानना, कुलजिंद्र मोहन बाठ, जितेंद्र नरवाल, गौरव पूनिया, प्रदीप
मैहला, सुरजीत, नोनित वर्मा, गौरव डाबर, बलिहार सिंह, एचजी खुराना आदि
मौजूद रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जहां शहर के विभिन्न कॉलेजों
के विद्यार्थी शामिल हुए, वहीं एमडीडी बाल भवन के अनाथ बच्चों और निशक्त
बच्चों के साथ-साथ निफा द्वारा चलाई जा रही केयर कक्षा के स्लम एरिया के
बच्चों ने भी भाग लिया।