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Karnal News: राज्यपाल ने जांची विद्यार्थियों की कॉपी, बोले- लिखावट सुधारें

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117....राजकीय स्मार्ट प्राथमिक पाठशाला में छात्रा से बात करते राज्यपाल असीम कुमार घोष। सूचना वि - फोटो : mathura
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। करनाल प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को सुबह 9:30 बजे राज्यपाल असीम कुमार घोष सेक्टर-13 स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कक्षाओं से लेकर शौचालयों तक की स्थिति देखी। सुविधाओं का जायजा लिया। कक्षाओं में पहुंचे तो शिक्षक की भूमिका में आ गए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों की कॉपी जांची। जिन विद्यार्थियों की कॉपी में काम पूरा मिला, उन्हें प्रोटीन बार देकर प्रोत्साहित किया। जिनकी लिखावट खराब थी, उन्हें सुधारने के लिए कहा। सुधार के लिए शिक्षकों को भी निर्देश दिए। विद्यार्थियों की पोशाक, दांत और नाखून का भी निरीक्षण किया।
इससे बाद उन्होंने सभागार में पहुंचकर स्कूल की सभा देखी। राज्यपाल ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल समाज की बुनियाद हैं। इन संस्थानों पर जितना ज्यादा निवेश होगा, उतना ही भविष्य मजबूत होगा। अगर बच्चे मजबूत नींव के साथ पढ़ेंगे और स्वस्थ रहेंगे तो ही राज्य का भविष्य सुरक्षित होगा।
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निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने बच्चों से भविष्य में ईमानदारी से पढ़ाई करने का वादा लिया। उन्होंने अभिभावकों से मिड-डे मील की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने अपने ऐच्छिक कोष से स्कूल सुविधाओं के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।
इससे पहले स्कूल पहुंचने पर जिला मौलिक शिक्षक अधिकारी रोहताश वर्मा, डीपीसी ज्योत्सना मिश्रा, वार्ड-10 की पार्षद आशया कुमार व पूर्व पार्षद वीर विक्रम कुमार ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष का भी अध्यापिकाओं ने शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।

बच्चों से पूछा- शिक्षक पढ़ाते हैं या नहीं

कक्षा में पहुंचे राज्यपाल ने बच्चों से पूछा कि उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है। शिक्षक पढ़ाते हैं या नहीं। जो पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है, क्या वह उनकी समझ में आ रहा है। बच्चों की ओर से शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड बेहतर रहा। सभी ने कहा कि शिक्षक ठीक पढ़ाते हैं।



अध्यापक बोले- छात्र बढ़े, कमरे कम

राज्यपाल ने अध्यापकों से भी उनकी समस्याएं पूछीं। शिक्षकों ने बताया कि उनके स्कूल में पिछले वर्ष के मुकाबले में छात्र संख्या काफी बढ़ी है। कमरों की कमी है। ऐसे में कुछ कक्षाएं बरामदे में भी लगानी पड़ती हैं। खेल मैदान भी नहीं है, जिससे बच्चों के लिए खेल गतिविधि व शारीरिक गतिविधियों के आयोजन में भी परेशानी आती है। राज्यपाल ने अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट तैयार करने और समाधान निकालने के निर्देश दिए।


नई शिक्षा नीति से आएगा गुणवत्ता में सुधार : राज्यपाल

राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि अध्यापक शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार प्रदान करें। साफ-सफाई के लिए भी बच्चों को जागरूक करें। प्राथमिक स्कूल शिक्षा का आधार है। प्राथमिक स्कूलों में ही गुणवत्ता पर आधारित शिक्षा छात्रों को दी जाए तो देश के गौरव को बढ़ाने सहयोग मिलता है क्योंकि बच्चे देश का कर्णधार हैं। नई शिक्षा नीति से गुणवत्ता में सुधार आएगा और हमारे देश के युवा अच्छे वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर और प्रशासनिक पदों की शोभा बढ़ाएंगे। जिससे देश प्रगति के पथ पर और आगे बढ़ेगा।
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117....राजकीय स्मार्ट प्राथमिक पाठशाला में छात्रा से बात करते राज्यपाल असीम कुमार घोष। सूचना वि- फोटो : mathura

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