संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पीपल वाला मंदिर जुंडला गेट में चल रही श्रीराम कथा में सोमवार को आचार्य ने शबरी प्रसंग पर चर्चा की। प्रवचन करते हुए आचार्य हरि ओम महाराज ने मेरी झोपड़ी के भाग आज जाग जाएगे राम आएंगे, राम आएगे तो आंगना बुहारूगी... भजन गाकर शबरी प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया कि मतंग ऋषि के आश्रम में रहकर शबरी प्रतिदिन भगवान की राह निहारती रहती थी। आखिकार वह दिन भी आ गया जब श्रीराम व लक्ष्मण मतंग ऋषि के आश्रम पहुंचे। जब शबरी को पता चला कि भगवान स्वयं उसके आश्रम आए हैं। तो वह खुशी से झूम उठी। माता शबरी ने बड़े आदरभाव से चरण कमल धोने के बाद उन्हें आसन पर बैठाया।
आचार्य ने बताया कि प्रेम भक्ति में डूबी शबरी बेरों को चख-चखकर इसलिए देने लगी कि कहीं खट्टे बेर श्रीराम व लक्ष्मण के हिस्से में न आए जाए। भगवान श्रीराम शबरी की अगाध श्रद्धा व अनन्य भक्ति के वशीभूत होकर सहज भाव एवं प्रेम के साथ झूठे बेर खाते रहे। जबकि लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने जूठे बेर एक तरफ फेंक दिया।
बाद में यही जड़ी बूटी ब्रह्मास्त्र लगने पर उनकी जीवनदायिनी बनी। पीपल वाला मंदिर के मुख्य पुजारी विनय गौतम ने बताया कि मंदिर में मंगलवार सुबह आचार्य हरिओम महाराज सुंदर कांड का पाठ करेगे, 11 बजे हवन की पूर्णाहूति होगी और भंडारे के साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व पार्षद युद्धवीर सैनी, बृज गोयल, राजेश, पंडित जय गौतम,जय प्रकाश धीमान, रोहित गोयल, साहिल गोयल आदि उपस्थित रहे।