संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। होली का पर्व सिर्फ रंगों और गुलाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिश्तों में नई ऊर्जा और ताजगी लाने का भी खास मौका है। खासकर उन नवविवाहित जोड़ों के लिए जिनकी यह पहली होली है।
नवविवाहित जोड़ों का कहना है कि शादी के बाद का हर पहला त्योहार जीवनभर के लिए यादगार बनाता है जबकि होली जैसे रंगों के पर्व पर यह उत्साह दोगुना हो जाता है। कुछ जोड़े इसे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ आधुनिक अंदाज में मनाने की योजना बना रहे हैं। जिससे यह पर्व स्नेह, परंपरा और खुशियों का अनोखा संगम साबित हो।
मनाएंगे होली का जश्न
आनंद और भारती की यह पहली होली है। भारती ने बताया कि वह पारंपरिक तरीके से पहली होली मनाएंगे। परिवार में रिवाज है कि लड़की की पहली होली उसके मायके में ही मनाई जाए इसलिए वह अपने परिवार के साथ होली का जश्न मनाएगी। आनंद ने कहा कि त्योहारों को हमेशा पारंपरिक रीति-रिवाजों से मनाया जाना चाहिए इससे रिश्तों में संस्कार और मान-सम्मान बना रहता है।
दोस्तों संग मनाएंगे खुशियां
अनिल और कुसुम की शादी पिछले वर्ष नवंबर में हुई थी। दोनों ने अपनी पहली होली को खुशनुमा बनाने का निर्णय लिया है। कुसुम ने बताया कि वह दोस्तों के साथ मिलकर बड़ी होली पार्टी की योजना बना रहे हैं। अनिल ने कहा कि शादी के बाद दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिला इसलिए होली के त्योहार पर यह मौका खोना नहीं चाहते।
वृंदावन धाम जाने की तैयारी
मनोज और भावी अपनी पहली होली को परिवार के साथ वृंदावन धाम में जाकर मनाना चाहते हैं। भावना कहती हैं कि उनकी कोशिश रहेगी कि वह अपनी पहली होली वृंदावन और मथुरा की गलियों में जाकर मनाए। मनोज ने कहा कि होली का पर्व भगवान श्रीकृष्ण जी से जुड़ा हुआ है। होली का त्योहार आते ही वृंदावन का ख्याल आ जाता है। इसलिए वृंदावन में होली खेलने की तैयारी की जा रही है।
परिवार संग मनाएंगे होली
मोनी और काजल ने बताया कि वह संयुक्त परिवार में रहते हैं। वह पहली होली को परिवार के संग मनाएंगे। काजल ने बताया कि ससुराल में पहली होली मनाने के लिए वह उत्सुक है। होली के त्योहार पर पहली बार वह परिवार के लिए विशेष मिठाइयां बनाएगी। मोनी ने कहा कि परिवार के बुजुर्गों संग होली मनाना उसके लिए खुशनुमा पल है।