फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: ई-खरीद पोर्टल बंद, हाथ से बनाए गेटपास, लगी कतारें तो बनाने पड़े नए खरीद केंद्र

विज्ञापन
करनाल नई अनाज मंडी में लगी लंबी लाइन। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। ई-खरीद पोर्टल बंद होने से सोमवार को मंडी और मंडी के बाहर जाम लगा रहा। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शाम 4 बजे के बाद हाथ से गेटपास बनवाना शुरू किया गया। इस बीच मंडी के अंदर से लेकर जीटी रोड पर दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक गेहूं से भरी हुईं करीब 700 ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहन कतार में लगे रहे।
प्रदेश सरकार का ई-खरीद पोर्टल सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक बंद हो गया। गेटपास नहीं बनने से मंडी में गेहूं से भरे आने वाले वाहन बाहर ही रुक गए तो मंडी से बाहर गेहूं भरकर जाने वाली गाड़ियों का निकलना भी बंद हो गया। मंडी के अंदर से लेकर जीटी रोड पर दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक गेहूं से भरी हुईं करीब 700 ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहन कतार में लग गए। मंडी से बाहर जाने वाले ट्रकों की भी कतार लग गई।
विज्ञापन

हालात की सूचना मंडी सचिव से लेकर एसडीएम को दी गई। एसडीएम ने डीसी को अवगत कराया। डीसी ने सरकार को। इसके बाद सरकार की ओर से निर्णय लिया गया कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अतिरिक्त खरीद केंद्र बनवाएं और तब तक मैन्युअल गेट पास काटें। शाम 4 बजे के बाद हाथ से गेटपास बनवाना शुरू किए गए।
चार अतिरिक्त खरीद केंद्र भी बनाए गए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने असंध में राजकीय स्कूल खेल मैदान में 5-6 एकड़ भूमि पर और जीवन चानन महिला कॉलेज में 5-6 एकड भूमि पर खरीद केंद्र बनाए। इसी प्रकार निगदू के गांव कारसा में मुख्य मार्ग पर स्थित 15 एकड़ भूमि (अनाज मंडी निगदू के पास) और तरावड़ी में मुख्य मार्ग पर स्थित मैसर्स गुरु नानक राइस मिल की खाली भूमि पर खरीद केंद्र बनाए। अब जिले में 28 अनाज मंडियां और खरीद केंद्र होंगे।
ई-खरीद पोर्टल से गेटपास कटते हैं। किसान से लेकर ट्रैक्टर तक की फोटो अपलोड कर भौतिक सत्यापन कराया जाता है। इसी पोर्टल के जरिए मंडी से गेहूं लेकर गोदाम तक जाने वाले वाहनों का भी गेटपास काटा जाता है।


2.69 लाख एमटी आवक, 1.12 लाख खरीद-
जिले में सोमवार तक करीब 2 लाख 69 हजार 809 मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। इसमें से 112961 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 33116 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 55082 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 24763 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसमें से करीब 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। वहीं, अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से करीब 192 किसानों को पांच करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।

किसानों की सुविधा के लिए बनाए नए खरीद केंद्र: मुकेश कुमार
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने गेहूं खरीद सीजन 2026-27 के दौरान किसानों की सहूलियत को देखते हुए जिले में चार नए अतिरिक्त खरीद केंद्र बनाए गए हैं। ताकि मंडियों में भीड़ कम करने और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनी रहे। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में गेहूं की फसल की बिक्री के दौरान किसानों को आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जिला राजस्व कार्यालय (डीआरओ) में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके साथ ही गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 व 0184-2980735 जारी किए गए हैं। यह हेल्पलाइन सेवा रोजाना प्रात: 6 से रात्रि 8 बजे तक क्रियाशील रहेगी।
विज्ञापन


पारदर्शी तरीके से खरीद सुनिश्चित करें सरकार : बहादुर मेहला
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने सरकार से आग्रह किया है कि किसानों की परेशानी को दूर करने के लिए गेहूं की खरीद में पारदर्शिता बरती जाए। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि करनाल की मंडियों में गेट पास का सर्वर डाउन होने की वजह से किसानों के कई-कई घंटे गेट पास नहीं काटे जा रहे। उन्होंने कहा कि आज सरकार की ऑनलाइन व्यवस्था के कारण किसान परेशान हो रहा है। किसान के पास इतने संसाधन नहीं है कि वह पूरा-पूरा दिन मंडियों में बिताए। यूनियन ने सरकार से कहा है कि गेट पास पोर्टल साइट को तुरंत अपडेट कर उसमें आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें