करनाल। मनोज अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला नागरिक अस्पताल सुबह 8 बजे ही पहुंच गए थे। कतार में लगे थे। पत्नी के पेट में दर्द बढ़ता जा रहा था। उनका नंबर आते-आते 10 बज गए। एकाएक डॉक्टर काम छोड़कर चल दिए। पता किया कि हड़ताल पर हैं। एक घंटे बाद चिकित्सक आए और जांच के बाद पत्नी को उपचार मिला। इस बीच वह दर्द से तड़पती रहीं।
अन्य मरीजों को भी उपचार और दवाइयों के लिए इंतजार करना पड़ा। जिला नागरिक चिकित्सालय के डॉक्टर से लेकर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तक सभी जियो फेंसिंग एप से हाजिरी लगाने के विरोध में एक घंटे तक हड़ताल पर रहे। हालांकि इस दौरान आपातकाल वार्ड खुला रहा।
जिला नागरिक अस्पताल में जियो फेंसिंग एप पर हाजिरी लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। इसका डॉक्टर और कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सक, रेडियोग्राफर, एलटीएम, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों के संगठन ने सोमवार को एक घंटे की हड़ताल का आह्वान किया था। सुबह 10 से 11 बजे तक हड़ताल की गई। सभी ने लैब के सामने धरना दिया। डाक्टरों ने कहा कि लगभग दो महीने पहले जब जियो फेंसिंग के जरिये हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए थे तभी कर्मचारियों ने रोष जताया था। एक हफ्ता पहले भी सभी चिकित्सकों ने काला बैज लगाकर रोष प्रकट किया था। उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो हड़ताल करने के लिए मजबूर हुए हैं।
जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. दीपक गोयल के बताया कि सभी चिकित्सक और अन्य सभी कर्मचारी बॉयोमीट्रिक हाजिरी लगाते आ रहे हैं। जियो फेंसिंग जैसी थर्ड पार्टी एप इंस्टॉल करने के लिए निर्देश देना बिल्कुल ही गलत है। इससे व्यक्तिगत गोपनीयता को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को चिकित्सकों से लेकर क्लास-4 तक के सभी कर्मचारियों की ओर से हड़ताल की गई थी।
ओपीडी सहित सभी सुविधाएं बंद
-सुबह एक घंटे की हड़ताल के दौरान अस्पताल में ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी को छोड़ अन्य सभी ओपीडी व अन्य सभी सुविधाएं बंद कर दी गई थीं। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन रोक दिए गए। मरीजों को दवाई नहीं दी गईं। इलाज भी एक घंटे के लिए रोक दिया गया। रविववार को अवकाश होने के कारण सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक रहती है।
-मरीज बोले
मरीज के लिए एक घंटा इंतजार बहुत होता है
-निसिंग से आईं सोनी ने बताया कि जांच करवाने के बाद दवा लेने के लिए सुबह 9 बजे कतार में लगी थी। अभी खिड़की तक पहुंची ही थी कि 10 बजते ही दवा देना बंद कर दिया गया। एक घंटे तक और इंतजार करना पड़ा। बोलीं कि दूर से आने वाले मरीजों के लिए एक घंटा और इंतजार करना काफी मुश्किल होता है।
घर में फोन कर बताया, और समय लगेगा
-करनाल की सुमित्रा ने बताया कि वह त्वचा रोग ओपीडी में अपनी जांच करवाने के लिए आई थीं। पता चला कि डॉक्टर एक घंटे तक जांच नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द आने पर भी एक घंटे का इंतजार करने से परेशानी हुई। घर में फोन कर बताया कि अभी और समय लगेगा।
-जियो फेंसिंग एप
जियो फेंसिंग एप से चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति ट्रैक की जा सकती है। एप के जरिये कर्मचारी जिस भौगोलिक क्षेत्र में होंगे, हाजिरी लगाने पर उसका पता चल जाएगा। चिकित्सकों का कहना है कि एप से यूजर की जीपीएस लोकेशन और नेटवर्क गतिविधियों तक संबंधित कंपनी की पहुंच हो जाएगी। एप बैकग्राउंड में चलकर लोकेशन को रिकॉर्ड करता है।