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Karnal News: जिलाध्यक्ष बोले...गुट हुए एकजुट, जो अलग चलेगा कांग्रेसी नहीं

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पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं के बीच शहरी अध्यक्ष पराग गाबा और ग्रामीण अध्यक्ष राजेश
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करनाल। अब कांग्रेस में कोई गुट नहीं, सभी एकजुट हैं। अब व्यक्ति विशेष की नहीं सभी में कांग्रेस है और जो अब भी अलग चले वह कांग्रेसी ही नहीं है। यह कहना है कांग्रेस के नए शहरी जिलाध्यक्ष प्रधान पराग गाबा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रो. राजेश वैद्य का। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता और नेता अब एक हैं। मेरिट के आधार पर ही नए संगठन की नींव केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रखी है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में संगठन विस्तार के सवाल पर उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं, पूर्व सांसद, मंत्री और विधायकों के मार्गदर्शन और नए व पुराने कार्यकर्ताओं के सुझाव के आधार पर ही नई टीम खड़ी की जाएगी। जैसा केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व आदेश करेगा, उसी आधार पर काम करेंगे।
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छोड़कर जाने वालों को लाना नेतृत्व का निर्णय, मुझसे कोई नाराज नहीं : वैद्य

ग्रामीण अध्यक्ष प्रो. राजेश वैद्य का कहना है कि पार्टी छोड़कर गए नेताओं के लिए नेतृत्व जो कहेगा वैसा ही करेंगे। इस पर निर्णय हाईकमान लेगा। पार्टी के लिए सभी को एकजुट करना, भेदभाव भुलाना और चुनाव लड़ना नहीं लड़ाना, इस पर काम करना है। गांव और बूथ स्तर तक संगठन लेकर जाना बड़ी चुनौती है। उनका मानना है कि कांग्रेस का संगठन पिछले 11 सालों में भी था, अलग-अलग कमेटियां काम कर रही हैं। अब जिलाध्यक्ष घोषित किए हैं, किसी प्रक्रिया के कारण देरी हुई होगी। गुटबाजी पर उनका कहना है कि कोई गुट नहीं है, सभी कांग्रेसी एक हैं। निरंकुशवादी सरकार को खत्म करने के लिए सभी काम करेंगे। अध्यक्ष की दौड़ में रहे रुठे नेताओं के सवाल पर कहा कि उनसे कोई नाराज नहीं है, सभी साथ हैं। उन्होंने पार्टी और कार्यकर्ताओं को अपनी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठों से विचार विमर्श के बाद जो भी सुझाव आएंगे, उन्हीं के आधार पर संगठन विस्तार पर निर्णय लेंगे। वे सामूहिक निर्णय लेने में ही विश्वास रखते हैं।



मैं पॉजीटिव राजनीति करुंगा, गलत का विरोध, अच्छे काम की सरहाना : गाबा

शहरी अध्यक्ष पराग गाबा का कहना है कि मैं पॉजिटिव राजनीति करूंगा। सरकार की गलती का विरोध और अच्छे काम की सराहना होगी। भाजपा में गए नेताओं में पुरानी बातें भुलाकर अगर कोई वापस आना चाहे, तो उनके लिए हमारे दरवाजे खुले हैं। उन्हें डोर बेल बजाने की भी जरूरत नहीं है। सत्ता पक्ष के गलत निर्णयों पर काम करना है। करनाल को उभारना है। सभी को साथ लेकर चलना है और सबसे बड़ी चुनौती रुठों को मनाना भी है। जिन्हें आज तक पूछा नहीं गया, उन्हें भी मान सम्मान देना। अब तक संगठन का न होना की वजह तो केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व में तालमेल की कमी रही होगी। उनका कहना है कि अब व्यक्ति विशेष कांग्रेस नहीं है, सभी कांग्रेस में है। प्रदेश के सभी बड़े नेताओं से मेरी बात हुई है। करनाल के सभी साथी एक झंडे के नीचे एकत्रित हैं। अध्यक्ष की दौड़ में रहे नेताओं के बारे में कहा कि अगर वो रूठे रहेंगे तो कांग्रेसी नहीं है। चुनाव में टिकट एक को ही मिलती है, ऐसे ही मेरिट के आधार पर अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने संगठन और परिवार व परिवार ने मिले संस्कार और कार्यकर्ताओं को अपनी ताकत बताया।

पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं के बीच शहरी अध्यक्ष पराग गाबा और ग्रामीण अध्यक्ष राजेश

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