करनाल। भले ही हरियाणा सरकार राज्य में रोजगार मुहैया करा रही हो लेकिन युवाओं में विदेश जाने की होड़ लगी हुई है। वह अपना व अपने परिवार का पासपोर्ट बनवाने में जुटे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के मुख्य डाकघर में हर रोज 80 से 100 आवेदन रोजाना आ रहे हैं।
मुख्य डाकघर में मार्च 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ किया था। शुरुआत में इस केंद्र में महज 25 से 40 पासपोर्ट बनते थे। मुख्य डाकघर के प्रवर डाकपाल कर्म सिंह झझोलिया ने बताया कि डाक घर में बने पासपोर्ट सेवा केंद्र का जिले के लोगों को काफी फायदा हो रहा है।
अब युवाओं को अपने पासपोर्ट की अपॉइंटमेंट के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ व अंबाला में अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि जिला पासपोर्ट सेवा केंद्र में पहले 40 के लगभग पासपोर्ट के आवेदन आते थे। अब एक दिन में 90 से 100 पासपोर्ट के आवेदन आ रहे हैं। इनमें से 80 से 85 आवेदनकर्ताओं के दस्तावेजों की जांच हो जाती है और उनकी फाइल चंडीगढ़ के लिए भेज दी जाती है।
उन्होंने बताया कि पासपोर्ट के लिए पहले करीब तीन माह के बाद अपॉइंटमेंट मिलती थी। इससे लोगों को असुविधा व निराशा हाथ लगती थी लेकिन जब से करनाल के मुख्य डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित हुआ तब से शहर के लोगों को बहुत फायदा मिल रहा है। लोगों को दूरी व समय की बचत हो रही है।
इस पासपोर्ट सेवा केंद्र से हजारों लोग अपने पासपोर्ट बनवा चुके हैं। पासपोर्ट कार्यालय सोमवार से शुक्रवार को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहता है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद युवा पासपोर्ट सेवा केंद्र में आकर अपने दस्तावेज की जांच करवाते हैं और अगले दिन पुलिस की जांच हो जाती है और दो माह के बाद आवेदनकर्ताओं को उनका पासपोर्ट मिल जाता है। संवाद
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
आधार कार्ड, बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट, टेलीफोन यां पोस्टपेड मोबाइल बिल, बैंक खाते की पासबुक, पासपोर्ट की कॉपी, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड।