कैथल के स्कूल भवनों को शैक्षणिक दृष्टि से मजबूत बनाने सहित विभिन्न नीतियों को क्रियान्वित करने वाले शिक्षा विभाग के पास अपना कोई भवन नहीं हैं। जिस कारण अधिकतर जिला, ब्लॉक और कलस्टर स्तर के अधिकारियों के कार्यालय किराये के भवनों में चल रह हैं। या फिर स्कूलों में ही अधिकारी शरण लिए हुए हैं। जिसका खामियाजा अध्यापकों, कर्मचारियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी के कारण बच्चों को उठाना पड़ रहा है। जिले में जल, विद्युत और निर्माण भवन के बाद अब शिक्षा भवन बनाए जाने की भी मांग उठने लगी है।
अलग-अलग जगह बिखरे हैं कार्यालय
प्रदेश के अधिकतर जिलों में शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय भवन हैं। कई जिलों में तो लघु सचिवालय में ही कार्यालय की जगह मिली हुई है, लेकिन कैथल में स्थिति काफी खराब है। यहां रेलवे लाइन पार स्थित डाइट के होस्टल भवन में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, ब्लॉक कैथल शिक्षा अधिकारी कार्यालय चलाए जा रहे हैं। सभी स्कूलों के लिए कमरों की व्यवस्था करने वाला सर्व शिक्षा अभियान का भवन अभी तक पंचायत भवन में चल रहा है।
हुडा प्राथमिक विद्यालय में ब्लॉक मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय चल रहा है। इस तरह से अलग-अलग जगह कार्यालय होने के कारण डाक एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचने में ही महीनों ले लेती हैं। वहीं अध्यापकों को यदि सभी कार्यालयों में काम हो तो उन्हें कई दिनों तक अध्यापन कार्य छोड़ना पड़ता है। जिससे बच्चों का नुकसान होता है।
स्कूलों में चल रहे हैं कार्यालय
इसके अलावा जिले के छह ब्लॉकों में मौजूद ब्लॉक मौलिक शिक्षा अधिकारी व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ब्लॉक के राजकीय स्कूलों के भवन में बैठे हैं। गुहला-चीका, सीवन, कलायत, राजौंद, ढांड के अधिकारियों के पास किसी कोई भवन नहीं है। ये कार्यालय स्कूलों में चल रहे हैं।
अध्यापक संघ कर चुका है मांग
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सचिव सतबीर गोयत ने बताया कई बार आलाधिकारियों के सामने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय लघु सचिवालय व उसके नजदीक बनाने के लिए लिख चुके हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों पास भवन न होने से आम जनता, अध्यापक, शहरवासियों, अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।